Parle Completes 95 Years: क्या आपको याद है कि बचपन में स्कूल के टिफिन में या चाय के साथ मिलने वाला वो पारले-जी का पैकेट कैसा लगता था? आज भारत की सबसे बड़ी बिस्कुट और कन्फेक्शनरी कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ ने अपने सफर के शानदार 95 साल पूरे कर लिए हैं. कंपनी के लिए यह किसी ऐतिहासिक मील के पत्थर से कम नहीं है. खास बात यह है कि इस मुकाम पर पहुंचते-पहुंचते पारले के कई बड़े ब्रांड्स ने सालाना 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के रेवेन्यू का आंकड़ा पार कर लिया है.
कंपनी के CMO मयंक शाह के मुताबिक, पैकेजिंग, कस्टमर से जुड़ाव और डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार बदलाव करके ही कंपनी ने आज यह मुकाम हासिल किया है. पारले का सबसे मशहूर ‘पारले-जी’ ग्लूकोज बिस्कुट आज सालाना 17,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहा है और यह दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला बिस्कुट ब्रांड है.
इसके अलावा हाइड एंड सीक, मोनाको और चॉकलेट टॉफी मेलोडी जैसे दिग्गज ब्रांड्स भी 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के सालाना रेवेन्यू क्लब में शामिल हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का कुल कारोबार 15,570 करोड़ रुपये के आसपास रहा है.
इस शानदार कहानी की शुरुआत साल 1929 में हुई थी. रेशम के व्यापारी मोहनलाल दयाल स्वदेशी आंदोलन से बेहद प्रभावित थे. वह जर्मनी गए और वहां बिस्कुट-कन्फेक्शनरी बनाने की तकनीक सीखी. भारत लौटने के बाद उन्होंने मुंबई के विले पार्ले इलाके में एक पुरानी बंद पड़ी फैक्ट्री खरीदी.
खास बात यह है कि शुरुआत में इस फैक्ट्री में मोहनलाल के परिवार के ही 12 सदस्य इंजीनियर, मैनेजर और वर्कर के तौर पर काम करते थे. उस समय कोई नाम नहीं सोचा गया था इसलिए जगह के नाम पर ही कंपनी का नाम ‘पारले’ पड़ गया. शुरुआत में ब्रिटेन से आने वाले बिस्कुट काफी महंगे होते थे लेकिन पारले ने आम जनता के लिए बेहद किफायती दाम पर बिस्कुट उतारे जो देखते ही देखते घर-घर की पसंद बन गए.
साल 1947 में जब देश आजाद हुआ और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तब भारत में गेहूं की भारी कमी हो गई. मजबूरी में पारले को अपने ग्लूकोज बिस्कुट का उत्पादन रोकना पड़ा और कंपनी ने जौ से बने बिस्कुट बेचने शुरू किए. इसके बाद 1960 के दशक में जब बाजार में दूसरे ब्रांड भी आ गए तो पहचान बचाने के लिए पीले मोम वाले कागज पर एक छोटी सी बच्ची की तस्वीर के साथ नई पैकेजिंग लाई गई.
आखिरकार साल 1982 में ‘पारले ग्लूको’ को नया रूप मिला और यह बन गया ‘पारले-जी’, जहां ‘G’ का मतलब ग्लूकोज था. इसके बाद ‘स्वाद भरे, शक्ति भरे, पारले-जी’ के विज्ञापनों से लेकर ‘जी माने जीनियस’ तक की टैगलाइन्स ने इस ब्रांड को हर भारतीय के दिल में हमेशा के लिए अमर कर दिया. आज 95 साल बाद भी पारले हर पीढ़ी के दिलों पर राज कर रहा है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Weather Update: दिल्ली-NCR में शनिवार देर रात हुई बारिश और तेज हवाओं ने मौसम का…
Aaj Ka Rashifal 25 October 2026: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क समेत सभी 12 राशियों के…
Aaj Ka Panchang 25 October 2026: शरद पूर्णिमा, अश्विन पूर्णिमा व्रत, कोजागरा पूजा, लक्ष्मी पूजन,…
Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: मेष राशि के जातकों को आज कामकाज में मिले-जुले परिणाम मिल…
Aaj Ka Rashifal Vrishabh Rashi: वृषभ राशि वालों के लिए रविवार का दिन स्वास्थ्य, कारोबार…
Aaj Ka Rashifal Mithun Rashi: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह…