पाण्डु पिंडारा धाम: 5000+ साल का इतिहास- यहां पिंडदान से मिलता है पितरों को मोक्ष, श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने भी किया था
Pandu Pindara Dham Jind Pind Daan: हरियाणा के जींद स्थित पाण्डु पिंडारा धाम में पितृपक्ष पर पिंडदान का विशेष महत्व है. महाभारत युद्ध के बाद श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने यहां तर्पण किया था.
भारत में समय का इतिहास, वर्तमान IST व्यवस्था और बहस का विश्लेषण
भारत जैसे घनी आबादी, जटिल परिवहन नेटवर्क और केंद्रीकृत प्रशासन वाले देश में एक समय व्यवस्था प्रबंधन को आसान बनाती है. चीन भी एक ही टाइम जोन रखता है (हालांकि उसका विस्तार और भी बड़ा है). हाल के “One Nation, One Time” नियम इसी दिशा में मजबूती देते हैं.
बाबू जगत सिंह: सारनाथ को इतिहास में वापस लाने वाला भारतीय; और वो वंशज जिसने उनका नाम दोबारा दर्ज कराया
सारनाथ के गौरवशाली इतिहास, सम्राट अशोक के सिंह चतुर्मुख स्तंभ और भारत के राष्ट्र चिह्न की जब भी बात होती है, तो ब्रिटिश पुरातत्वविदों के नाम प्रमुखता से सामने आते रहे हैं. लेकिन 200 से अधिक वर्षों तक गुमनाम रहे उस भारतीय - बाबू जगत सिंह - का नाम आखिरकार आधिकारिक इतिहास का हिस्सा बन गया है, जिन्होंने 18वीं सदी में पहली बार सारनाथ के पुरातात्विक महत्व को उजागर किया था. जानिए कैसे उनके वंशज प्रदीप नारायण सिंह के वर्षों के शोध और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के ऐतिहासिक फैसले ने इतिहास के इस सबसे बड़े अन्याय को सुधारा और भारत के नाम एक गौरवशाली पन्ना जोड़ा.
काशी नरेश महाराज चेत सिंह — अंग्रेजों के खिलाफ काशी का गदर
16 अगस्त 1781 को काशी (बनारस) में महाराज चेत सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह किया था। जानिए कैसे 1857 की क्रांति से 76 साल पहले वारेन हेस्टिंग्स को चुनार भागना पड़ा था।
तिरंगा देने वाले पिंगली वेंकैया की अनसुनी दास्तान, गरीबी में बीता था अंतिम समय; जानिए संघर्ष की कहानी
आज तिरंगे के रचयिता पिंगली वेंकैया की जयंती है. जिन्होंने देश को आन-बान-शान का प्रतीक तिरंगा दिया, उनका जीवन संघर्ष और उपेक्षा से भरा रहा. जानिए उनके जीवन की अनकही बातें.
95 साल का हुआ पारले: जानिए कैसे एक छोटे से कारखाने से शुरू हुआ भारत के सबसे चहेते बिस्कुट ब्रांड का सफर
भारत की सबसे बड़ी बिस्कुट कंपनी पारले प्रोडक्ट्स ने अपने 95 शानदार साल पूरे कर लिए हैं. पारले-जी समेत कंपनी के कई प्रमुख ब्रांड्स का सालाना राजस्व 1000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो इसकी ऐतिहासिक सफलता की कहानी बयां करता है.
दुर्योधन ने जहां पांडवों को मरवा डालने के लिए बनवाया था लाक्षागृह, वो जमीन कब होगी कब्जा-मुक्त? जानिए कानूनी पहलू और पौराणिक इतिहास
Baghpat Barnawa LAKSHAGRAHA CASE: उत्तर प्रदेश में बरनावा के ऐतिहासिक लाक्षागृह और मजार विवाद का मामला अदालत में चल रहा है. यह जगह बागपत जिले में है, जहां मुस्लिम समुदाय की बसावट के बाद से दो पक्षों में तनाव रहा है.
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्मजयंती: पढ़िए एक साधारण लड़की से रानी बनने की कहानी, काशी विश्वनाथ मंदिर का कराया पुनर्निर्माण
Ahilyabai Holkar Jayanti: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर जानिए उनके साधारण लड़की से रानी बनने, कुशल न्याय व्यवस्था और काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी.
देश के पहले अखबार ‘उदंत मार्तंड’ से डिजिटल युग तक: हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा पर मृणाल पांडे का विश्लेषण
First Hindi Newspaper Udant Martand: उदंत मार्तंड से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता की 200 साल की यात्रा पर मृणाल पांडे की पुस्तक अतीत, वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सार्थक विश्लेषण प्रस्तुत करती है.
ऐतिहासिक-पौराणिक धरोहरों को समेटे है पलामू: यहां 5 हजार साल से मौजूद ‘भीमचूल्हा’ देखने आते हैं हजारों लोग, दिलचस्प है कहानी
Bhim Chulha Jharkhand: झारखंड के पर्वतीय इलाके में ऐतिहासिक 'भीमचूल्हा' को देखने के लिए दूर-दूर के लोग आते हैं. इसका इतिहास 5000 साल से भी पहले का बताया जाता है. मान्यता है कि वनवास के दौरान महाबली भीम ने यहां भोजन बनाया था.





