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नहीं रहे ‘भुजिया किंग’ शिवरतन अग्रवाल! चेन्नई में पत्नी की सेवा के दौरान थमी सांसें; जानें 8वीं पास छात्र ने कैसे खड़ा किया था ‘बिकाजी’ का साम्राज्य?

भारतीय स्नैक इंडस्ट्री के दिग्गज और Bikaji Foods International के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल ‘फन्ना बाबू’ का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया. वे 74 वर्ष के थे. शिवरतन अग्रवाल अपनी पत्नी की हार्ट बाईपास सर्जरी के बाद उनकी देखभाल के लिए पिछले 10 दिनों से चेन्नई में ही रुके हुए थे.

बता दें कि गुरुवार सुबह अचानक दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशें नाकाम रहीं. उनके निधन की खबर से बीकानेर समेत देश के औद्योगिक जगत में शोक की लहर है.

पत्नी की सेवा करते हुए दुनिया को कहा अलविदा

शिवरतन अग्रवाल के परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक है. हाल ही में उनकी पत्नी की गंभीर हार्ट सर्जरी हुई थी और वे अपनी पत्नी की सेहत में सुधार का इंतजार कर रहे थे. गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्होंने अचानक बेचैनी महसूस की.

यह भी बताते चलें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.

‘हल्दीराम’ से अलग होकर बनाई अपनी पहचान

शिवरतन अग्रवाल की कामयाबी की कहानी किसी मिसाल से कम नहीं है. वे प्रसिद्ध व्यवसायी हल्दीराम के पोते थे, लेकिन उन्होंने परिवार की बनी-बनाई विरासत के बजाय अपना नया रास्ता चुना. 1993 में उन्होंने बीकानेर में ‘शिवदीप फूड्स’ की शुरुआत की और बाद में ‘बिकाजी’ ब्रांड लॉन्च किया. उन्होंने इस ब्रांड का नाम बीकानेर के संस्थापक ‘राव बीका’ के नाम पर रखा. आज बिकाजी न केवल भारत बल्कि अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों समेत दुनिया के कई कोनों में बीकानेरी स्वाद का पर्याय बन चुका है.

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मशीन से भुजिया बनाने वाले देश के पहले शख्स

महज 8वीं तक पढ़ाई करने वाले शिवरतन अग्रवाल तकनीकी रूप से काफी विजनरी थे. उस दौर में जब भुजिया पूरी तरह हाथों से बनाई जाती थी, उन्होंने विदेशों का दौरा कर मशीनों के महत्व को समझा. वे भारत में मशीनों के जरिए भुजिया का उत्पादन शुरू करने वाले पहले व्यक्ति बने. उनके इस क्रांतिकारी कदम ने भुजिया की क्वालिटी और उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ा दिया. उनके इसी विजन ने एक स्थानीय स्नैक को ग्लोबल ब्रांड में बदल दिया, जिसका आज हजारों करोड़ का टर्नओवर है.

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-भारत एक्सप्रेस

 

Rohit Agrawal

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