बिजनेस की दुनिया भी क्रिकेट की तरह अनिश्चितताओं से भरी है. स्विगी लिमिटेड ने शुक्रवार को अपने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे घोषित किए, जिसमें कंपनी का सालाना घाटा 33% बढ़कर 4,154 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बैलेंस शीट पर ‘लाल निशान’ होने के बावजूद, कंपनी IPL के सीजन में ‘Swiggy Sixes’ जैसे ऑफर के जरिए हर छक्के पर 66% की भारी छूट दे रही है. आखिर घाटे में डूबी कंपनी इतने बड़े ऑफर कैसे दे पा रही है? आइए समझते हैं इसके पीछे का गणित.
भले ही पूरे साल का घाटा बढ़ा है, लेकिन स्विगी की सेहत में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं. चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी का घाटा पिछले साल के 1,081 करोड़ से घटकर 800 करोड़ रुपए रह गया है. वहीं, कंपनी की कमाई (रेवेन्यू) में जबरदस्त 45% की बढ़त देखी गई है, जो अब 6,383 करोड़ रुपए पर पहुँच गई है. यही वजह है कि कंपनी भविष्य के भरोसे अभी भी ‘बर्न रेट’ (पैसे खर्च करने की क्षमता) बनाए हुए है.
लोग अक्सर पूछते हैं कि जब जेब खाली है तो इतनी बड़ी छूट क्यों? इसका जवाब कंपनी के ‘मार्केटिंग और सेल्स प्रमोशन’ बजट में छिपा है. स्विगी ने इस साल विज्ञापनों और प्रमोशन पर 1,577 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. कंपनी जानती है कि IPL जैसे बड़े इवेंट में ‘Swiggy Sixes’ के जरिए 66% डिस्काउंट देने से लाखों नए ग्राहक ऐप पर आएंगे.
इसके अलावा भारी डिस्काउंट एक ‘इन्वेस्टमेंट’ है ताकि ग्राहक को स्विगी से खाना मंगाने की आदत पड़ जाए, जो लंबे समय में कंपनी को फायदा देगी.
स्विगी के सीईओ श्रीहरशा मजेटी का पूरा फोकस अब ‘इंस्टामार्ट’ (क्विक कॉमर्स) पर है.
इंस्टामार्ट का जलवा: इसकी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 68.8% बढ़कर 7,881 करोड़ रुपए पहुँच गई है.
फूड डिलीवरी: इस सेगमेंट में भी स्विगी ने 9,005 करोड़ रुपए के ऑर्डर वैल्यू के साथ अपनी पकड़ मजबूत रखी है.
कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे ऑर्डर की संख्या बढ़ेगी, डिलीवरी का खर्च कम होगा और एक दिन कंपनी मुनाफे में आ जाएगी.
भले ही घाटा बढ़ा हो, लेकिन शुक्रवार को बीएसई पर स्विगी के शेयर 0.68% की बढ़त के साथ 281.30 रुपए पर बंद हुए. निवेशकों को घाटे से ज्यादा कंपनी की बढ़ती हुई ‘आय’ और ‘ऑर्डर वैल्यू’ में दिलचस्पी है. उन्हें लगता है कि स्विगी का ‘66% ऑफ’ वाला दांव भविष्य में ‘सिक्सर’ साबित होगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग (NCMEI) के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर, उत्तर प्रदेश…
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड में मौत की सजा पाए…
UP IPS Transfer: उत्तर प्रदेश में 20 IPS अधिकारियों के तबादले को 2027 विधानसभा चुनाव…
मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को वापस लेने के लिए…
सुप्रीम कोर्ट झारखंड के DGP अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार…
2026 का रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार हेनरी बी. कागन और केन्सो सोई को दिया जाएगा.…