एजुकेशन

हरियाणा के स्कूलों में केवल बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकें ही चलेंगी, भिवानी बोर्ड ने जारी किए सख्त आदेश

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के शुरू होते ही प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है. बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को पत्र भेजकर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी संबद्ध स्कूलों में केवल बोर्ड द्वारा प्रस्तावित और निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराया जाए.

क्या है पूरा मामला?

अक्सर देखा जाता है कि निजी और कुछ अन्य स्कूल अपनी मर्जी से निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें लागू कर देते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है. इसी पर लगाम लगाने और पूरे प्रदेश में एक समान पाठ्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड ने यह आदेश जारी किया है.

आदेश की मुख्य बातें

अनिवार्य नियम: हरियाणा बोर्ड से संबद्ध (Affiliated) सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बोर्ड द्वारा निर्धारित सिलेबस और किताबों का ही पालन करना होगा.

अधिकारियों को निर्देश: जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने अधीन आने वाले सभी स्कूलों को इस बारे में सूचित करें और इसकी कड़ाई से पालना सुनिश्चित करवाएं.

भिवानी DEO की कार्रवाई: बोर्ड के आदेश मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने और सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOS) को आगामी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है.

ये भी पढ़ें- “जॉब अलर्ट 2026: UPSSSC ने खोले 708 पदों के दरवाजे- 12वीं पास के लिए गोल्डन चांस, अभी करें तैयारी”

अभिभावकों के लिए राहत

बोर्ड के इस कदम से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो हर साल निजी स्कूलों द्वारा सुझाई गई महंगी किताबों के कारण परेशान होते थे. अब स्कूल अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे और उन्हें बोर्ड द्वारा तय मानक पुस्तकों से ही पढ़ाना होगा.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

90 की उम्र के बाद भी रोज 12 घंटे करती थीं काम, जानिए कौन थीं भारत की ‘गॉडमदर ऑफ कार्डियोलॉजी’

भारत की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.आई. पद्मावती ने युद्ध, सामाजिक बंदिशों और…

24 minutes ago

भोजपुर की लाल माटी: कैसे एक भूमिगत क्रांति चुनावी ताकत में बदल गई

भोजपुर का भूमिगत क्रांतिकारी आंदोलन कैसे कृषि संकट, मजदूरी और सामाजिक सम्मान के संघर्षों से…

30 minutes ago

वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में छूटा 5 लाख क्यूसेक पानी, गोपालगंज के दियारा में घुसा सैलाब

वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गोपालगंज के दियारा…

33 minutes ago

‘न पोकलेन, न बुलडोजर’: उज्जैन में मुस्लिम समाज खुद हटा शाही मस्जिद का हिस्सा, छावनी बना इलाका

Ujjain Shahi Masjid Update: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के तहत शाही मस्जिद का बाधक हिस्सा…

35 minutes ago

‘न तटबंध सुरक्षित, न किसानों का भविष्य’, पप्पू यादव ने बाढ़ और तबाही के बीच सरकार-प्रशासन को घेरा

बगहा में चंपारण तटबंध के तीन जगहों पर टूटने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो…

36 minutes ago