एजुकेशन

CBSE की डिजिटल कॉपी चेकिंग पर उठा बड़ा विवाद, क्या है ये ऑनस्क्रीन मार्किंग? लखनऊ हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई

CBSE OSM Controversy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का एक नया प्रयोग अब उसके लिए गले की हड्डी बनता नजर आ रहा है. सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के मूल्यांकन को हाईटेक बनाने के लिए जिस ‘ऑनस्क्रीन मार्किंग प्रणाली’ (OSM) यानी डिजिटल कॉपी चेकिंग की शुरुआत की थी, वह अब कानूनी पचड़े में फंस गई है. इस नई व्यवस्था के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दी गई है. अदालत इस मामले पर आज यानी 29 मई को ही सुनवाई करने जा रही है. ऐसे में देश भर के लाखों छात्रों और उनके पेरेंट्स की धड़कनें बढ़ गई हैं और सबकी नजरें कोर्ट के रुख पर टिकी हैं.

क्या है ये ऑनस्क्रीन मार्किंग?

सरल शब्दों में समझें तो यह पूरी तरह डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम है. इसके तहत छात्रों की कॉपियों को पहले स्कैन किया जाता है और फिर टीचर्स कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर ही उन्हें चेक करके नंबर देते हैं. सुनने में यह तकनीक भले ही एडवांस लगती हो, लेकिन लखनऊ के एक स्थानीय वकील द्वारा दायर याचिका में इसे बड़ी मुसीबत बताया गया है. इस पीआईएल में केंद्र सरकार, सीबीएसई, परीक्षा नियंत्रक और यूपी सरकार को पार्टी (पक्षकार) बनाया गया है.

‘बिना तैयारी के जल्दबाजी में लिया फैसला’

याचिकाकर्ता का सबसे बड़ा आरोप यह है कि सीबीएसई ने इतनी संवेदनशील व्यवस्था को बिना किसी ठोस तैयारी या ट्रेनिंग के, बेहद जल्दबाजी में लागू कर दिया. आरोप लगाया गया है कि इस लापरवाही के चलते कॉपियों को ठीक से नहीं जांचा गया, जिससे रिजल्ट में भारी गड़बड़ियां देखने को मिली हैं. यह एक तरह से पूरी व्यवस्था की नाकामी है, जिसका खामियाजा उन होनहार बच्चों को भुगतना पड़ रहा है जो दिन-रात एक करके परीक्षा की तैयारी करते हैं. कई छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है.

ये भी पढ़ें- JEE और NEET में बड़ा बदलाव संभव, सरकार One Nation One Exam मॉडल पर कर रही विचार; पेपर लीक विवाद के बाद सख्ती

छात्रों के लिए कोर्ट से क्या मांगी गई राहत?

अदालत से गुहार लगाई गई है कि इस ओएसएम (OSM) सिस्टम को लागू करने के तौर-तरीकों की बारीकी से जांच की जाए. इसके लिए एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग हुई है, जो इस डिजिटल चेकिंग की तकनीकी और व्यावहारिक कमियों का पता लगा सके.

इसके अलावा सबसे बड़ी मांग यह है कि इस दोषपूर्ण व्यवस्था के कारण जिन भी छात्रों के नंबर प्रभावित हुए हैं या जिन्हें लगता है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है, उनकी कॉपियों को अनुभवी शिक्षकों से दोबारा बिल्कुल मुफ्त चेक कराया जाए.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

‘जाणता राजा’ का महामंचन: हजारों दर्शक…देशभर से हस्तियां जुटीं, देखिए वीडियो

उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के सनसिटी में ‘जाणता राजा’ के महामंचन को देखने हजारों लोग…

1 hour ago

मछुआरों को हथियार बना रहा है आतंकिस्तान? BSF ने पाकिस्तान की चाल की फेल

BSF Seized Pakistani Fishermen Boat: गुजरात के कच्छ में सर क्रीक इलाके से BSF ने…

1 hour ago

अदाणी ग्रुप और एयर इंडिया का मेगा प्लान, अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स नवी मुंबई एयरपोर्ट पर होगी ट्रांसफर

अदाणी एयरपोर्ट्स और एयर इंडिया ग्रुप ने बड़ा फैसला लिया है. दिसंबर 2026 से नवी…

1 hour ago

अद्भुत तपस्या..! 111 डिग्री तापमान में भी जारी रही स्वामी कैलाशानंद गिरि की साधना

हरिद्वार में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की सावन के बाद अब नवरात्र के…

1 hour ago

इंडिगो-अदाणी का मास्टरस्ट्रोक! अब इस नए एयरपोर्ट से उड़ेंगी विदेश की फ्लाइट्स

अदाणी एयरपोर्ट्स और इंडिगो ने बड़ा ऐलान किया है. फरवरी 2027 से नवी मुंबई एयरपोर्ट…

2 hours ago