Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

cbse

CBSE Date Sheet 2027: सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा 2027 के लिए डेटशीट जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जारी की जा सकती है. इस बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ 50% सवाल योग्यता आधारित (Competency-Based) होंगे.

CBSE Board Exam 2027: CBSE बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 के लिए बिना लेट फीस LOC जमा करने की आखिरी तारीख 21 अक्टूबर है. जानिए लेट फीस का नियम और आधिकारिक गाइडलाइंस.

सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच सीबीएसई (CBSE) ने साफ कर दिया है कि 10वीं कक्षा के पासिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. छात्रों को लिखित परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट को मिलाकर कुल 33% अंक लाने होंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की नई तीन-भाषा नीति में कक्षा 6 के छात्रों को भी कक्षा 7 से 9 तक दी जा रही राहत देने का निर्देश दिया है. कोर्ट के अनुसार, यह व्यवस्था 2027-28 शैक्षणिक सत्र से लागू होगी.

Three Language Policy: सीबीएसई की तीन-भाषा नीति में बदलाव और नौवीं कक्षा की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में देरी से छात्र, शिक्षक और अभिभावक दबाव में हैं. नीतिगत उलझनों के बीच छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

CBSE की 9वीं-10वीं में तीन भाषा नीति अचानक लागू करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त. कोर्ट ने कहा- 6ठीं क्लास से अगले साल लागू हो यह नियम. जानिए पूरा मामला.

सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई की कक्षा 9वीं और 10वीं में लागू की गई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को अनिवार्य रूप से लागू करने के खिलाफ दायर याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा.

दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने कक्षा 9 के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए तीसरी भाषा (R3) से जुड़े कड़े नियमों को वापस ले लिया है. अब छात्रों के लिए R3 में फेल होने के कारण 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने पर रोक नहीं लगेगी, क्योंकि इसे सीबीएसई के नियमों के अनुकूल कर दिया गया है.

CBSE Board Exam Evaluation: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने बच्चों के मानसिक तनाव पर चिंता जताते हुए मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की है.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की कक्षा 9वीं और 10वीं में लागू की गई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर सुनवाई करते हुए कई अहम सवाल उठाए. अदालत ने पूछा कि अंग्रेजी को किस आधार पर गैर-स्वदेशी भाषा माना जा सकता है.