एजुकेशन

11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की किताबों में बड़े बदलाव की तैयारी, NCERT ने बनाई नई टीम; जानें क्या बदलेगा

NCERT New Books: स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली राजनीति विज्ञान की किताबों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए एक नई 20-सदस्यीय पाठ्यपुस्तक विकास समिति का गठन किया है. यह टीम कक्षा 11 और 12 के लिए नए सिरे से पॉलिटिकल साइंस की किताबें तैयार करेगी.

क्या है नया सिलेबस और समयसीमा?

एनसीईआरटी के मुताबिक, ये नई किताबें ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा’ (NCF-SE 2023) के आधार पर बनाई जाएंगी. छात्रों और स्कूलों तक ये किताबें समय पर पहुंचाने के लिए एक निश्चित शेड्यूल तय किया गया है:

  • कक्षा 11 की पॉलिटिकल साइंस की किताब: 30 नवंबर, 2026 तक फाइनल कर दी जाएगी.
  • कक्षा 12 की पॉलिटिकल साइंस की किताब: 30 जुलाई, 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है.

इसके अलावा, एनसीईआरटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 और 11 की नई किताबें शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू की जाएंगी, जबकि कक्षा 9 की नई किताबें 2026-27 सत्र से ही आने की संभावना है. हालांकि, छात्रों और स्कूलों पर अचानक दबाव न पड़े, इसलिए यह पूरा बदलाव चरणों में किया जा रहा है.

कौन-कौन शामिल है इस खास पैनल में?

इस 20-सदस्यीय समिति की कमान जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक और शिक्षाविद संदीप शास्त्री (जो कि निट्टे यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष हैं) को सौंपी गई है. इस टीम में देश के नामी-गिरामी संस्थानों जैसे जेएनयू (JNU), दिल्ली यूनिवर्सिटी, इग्नू (IGNOU), नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और पुडुचेरी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों के साथ-साथ कुछ स्कूली शिक्षक और एनसीईआरटी के विशेषज्ञ भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पैनल में शामिल कुछ सदस्यों का जुड़ाव अतीत या वर्तमान में वैचारिक संगठनों से भी रहा है.

किन बातों पर रहेगा खास फोकस?

नई किताबें केवल पुराने सिलेबस का अपडेटेड वर्जन नहीं होंगी, बल्कि इनमें पढ़ाई के तौर-तरीकों और विषयों पर नए सिरे से काम किया जाएगा. किताबों को तैयार करते समय इन मुख्य बिंदुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा:

  • भारतीय ज्ञान प्रणाली
  • सांस्कृतिक जुड़ाव और देश की संस्कृति से जुड़ाव
  • शिक्षा में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
  • सभी बच्चों को साथ लेकर चलने की भावना
  • पढ़ाने और मूल्यांकन के नए और आसान तरीके

एनसीईआरटी का मानना है कि इन बदलावों से बच्चों की पढ़ाई केवल रटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे अपने देश के इतिहास, राजनीति और संस्कृति को ज्यादा गहराई और अपनेपन के साथ समझ सकेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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