Anant Singh Mokama
Anant Singh Mokama: दिन था 30 अक्टूबर, जगह था मोकामा का टाल इलाका. भूमिहारों और यादवों के वर्चस्व की आग में तपते टाल की धरती पर उस दिन खून की होली खेली गई. जिसके खून से मिट्टी लाल हुई वह खून था दुलारचंद यादव का. आरोप है कि अनंत सिंह और उनके लोगों ने दुलारचंद को पहले गोली मारी, फिर उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी. दुलारचंद यादव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ है कि उनकी मौत गोली से नहीं बल्कि छाती पर गाड़ी चढ़ने से हुई है. जिससे उनका फेफड़ा फट गया. दुलारचंद पहले अनंत सिंह का समर्थक थे, लेकिन इस विधानसभा चुनाव में वो जनसुराज पार्टी का समर्थन कर रहे थे.
खून, बगावत और सियासत की चक्की के बीच फंसे दबंग दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में 1 अक्टूबर की आधी रात को पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.
आधी रात को पटना एसएसपी की टीम बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट पहुंची और वहीं पर बाहुबली अनंत सिंह ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया है.
मोकामा के बाहुबली और छोटे सरकार के उपनाम से मशहूर अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है. राजनीतिक विश्लेषक इस घटना के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं. कोई इसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक दांव बता रहा है. तो कोई इसे महागठबंधन के पक्ष में हवा बनने की बात कर रहा है. तो आखिर अनंत सिंह की गिरफ्तारी से किसको फायदा और किसको नुकसान हो सकता है, और इस मामले में राजद प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह क्यों टेंशन में हैं.
मोकामा भूमिहार बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र है. यहां भूमिहारों जाति की जनसंख्या 25 से 30 प्रतिशत के करीब है. वहीं यादव जाति की जनसंख्या करीब 20 से 25 प्रतिशत है. भूमिहार दबदबे वाले इस इलाके में धानुक/कुर्मी की भी अच्छी खासी जनसंख्या है. इनकी जनसंख्या करीब 18-20 प्रतिशत के करीब है. इसके अलावा यहां दलित और मुस्लिम भी अच्छी खासी जनसंख्या है.
भूमिहार समाज से आने वाले अनंत सिंह को यहां भूमिहारों के अलावा, यादव और धानुक भी अच्छी खासी संख्या में वोट देते रहे हैं, लेकिन दुलारचंद यादव की हत्या ने अनंत सिंह के इस सियासी समीकरण को तोड़ दिया है. अब वहां अगड़ा और पिछड़ा पर चुनाव चले जाने की बात हो रही है. नीतीश कुमार को इसी बात का डर है क्योंकि अनंत सिंह जदयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से चुनावी ताल ठोंक रहे हैं.
दुलारचंद यादव की हत्या के बाद मोकामा में चुनाव अब जातीय ध्रुवीकरण पर होने की उम्मीद जताई जा रही है. जहां पिछड़े समाज के लोग अनंत सिंह पर उत्पीड़न और हिंसा का आरोप लगा रहे हैं. दुलारचंद की हत्या के बाद एक बड़े वर्ग में जदयू प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी (धानुक समाज से आते हैं) में सहानुभूति की लहर है. जो अगर वोट में तब्दील हुई तो इसका खामियाजा राजद को भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि राजद ने यहां से बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को टिकट दिया है. सूरजभान सिंह खुद भूमिहार समाज से आते हैं. इस वजह से अगर चुनाव अगड़ा-पिछड़ा पर हुआ तो राजद को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
अनंत सिंह का जीवन बिहार में अपराध-राजनीति के गठजोड़ का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहां बाहुबल सत्ता की सीढ़ी बना. अब दुलारचंद यादव हत्या केस में उनका नाम सामने आने से मोकामा की राजनीति का तनाव फिर से चरम पर है. वीणा देवी आरजेडी से प्रत्याशी हैं, और यह हत्या का मामला मोकामा की त्रिकोणीय चुनावी जंग का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है.
-भारत एक्सप्रेस
EPS Service Record: नौकरी बदलने पर PF निकालने के बाद भी EPS सर्विस रिकॉर्ड जोड़ना…
भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली…
रूस के इरकुत्स्क में एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़ी वैज्ञानिक की मौत के बाद कथित…
Kab Hai Sarvapitri Amavasya: 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को मनाई जाएगी. भूल-चूक से…
PM Modi की ओर से साझा किया गया संस्कृत श्लोक महाभारत के शांतिपर्व से लिया…
Amit Shah: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा…