चुनाव

बीजेपी के लिए नाक की लड़ाई बनी रामगढ़ सीट, सता रहा राजपूत वोटों के बंटवारे का डर, जन सुराज की एंट्री से बढ़ी मुश्किल, पढ़ें- Explainer

Ramgarh Assembly Election 2025: बिहार के सुदूर पश्चिम में मौजूद कैमूर जिले का रामगढ़ विधानसभा भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है. रामगढ़ विधानसभा की सीमा पर बहने वाली कर्मनाशा नदी इसे उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से अलग करती है. इसी इलाके से ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक सड़क की यूपी से बिहार में इंट्री होती है. पिछले 3 विधानसभा चुनावों में से 2 बार इस सीट पर बीजेपी ने अपना परचम लहराया है. 2015 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अशोक कुमार सिंह ने जीत दर्ज की थी. हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें राजद के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह से हार का मुंह देखना पड़ा.

2024 के लोकसभा चुनाव में सुधाकर सिंह बक्सर लोकसभा सीट से सांसद चुन लिए गए. जिसके बाद उपचुनाव में दोबारा से अशोक कुमार सिंह ने जीत दर्ज की. लेकिन इस बार मामला फंसता दिख रहा है. कारण है जनसुराज की इंट्री और वोटों का बंटवारा.

कौन कौन हैं मैदान में?

बीजेपी ने 2025 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से एक बार फिर अशोक कुमार सिंह पर दांव लगाया है. वहीं माना जा रहा है कि इस सीट से राजद एक बार फिर अजीत सिंह को मैदान में उतार सकती है. वहीं बसपा से अंबिका यादव के मैदान में आने की संभावना है. अंबिका यादव पहले राजद के सिंबल पर यहां से चुनाव जीतते रहे हैं. लेकिन अब वो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सिंबल पर चुनावी रण में उतरते हैं. साल 2020 के विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी अंबिका सिंह यादव मात्र 189 वोटों से सुधाकर सिंह से हारे थे. वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अशोक कुमार सिंह से 8 हजार से ज्यादा सीटों से चुनाव हार गए थे.

कब होगा रामगढ़ में चुनाव?

बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होने हैं. 14 नवंबर को नतीजे घोषित कर दिये जाएंगे. पहले चरण में जहां 121 सीटों पर वोटिंग होगी तो वहीं दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान किया जाएगा. रामगढ़ विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में मतदान होगा.

रामगढ़ सीट के बारे में जानें

रामगढ़ विधानसभा सीट बिहार के सबसे पश्चिमी छोर पर मौजूद कैमूर जिले में मौजूद है. रामगढ़ भौगोलिक रूप से कैमूर पठार का हिस्सा है. इसके बॉर्डर से बहने वाली कर्मनाशा नदी इस क्षेत्र को उत्तर प्रदेश से अलग करती है. कर्मनाशा नदी इस इलाके के कृषि और सुंदरता बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है. कभी नक्सल प्रभावित रहा यह इलाका अब अपनी खेती और उद्योगों के लिए जाना जाता है. रामगढ़ विधानसभा के दक्षिणी छोर पर मौजूद दुर्गावती प्रखंड में कई भारी इंडस्ट्री लगी हैं. जिसमें सीमेंट प्लांट से लेकर राइस मिल, फ्लोर मिल, पाइप इंडस्ट्री शामिल हैं.

क्यों डर रही बीजेपी?

बीजेपी का डर यहां के जातीय समीकरण में छिपा है. रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आबादी के हिसाब से सबसे ज्यादा राजपूत वोटर हैं. इनकी संख्या कुल 21% के करीब है. वहीं दूसरे नंबर पर मुस्लिम मतदाता हैं जिनकी संख्या 8.5 % है. वहीं 6.8 % वोट के साथ यादव तीसरे स्थान पर हैं. इस इलाके में दलित मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 19: कैप्टेंसी टास्क में Amaal Mallik ने Farhana Bhatt और उनकी मां पर किए भद्दे कमेंट, बोले- “तू और तेरी मम्मी दोने बी-ग्रेड”, बाद में मांगी माफी

बीजेपी से उतरने वाले अशोक कुमार सिंह खुद राजपूत जाति से आते हैं. वहीं राजद के अजीत सिंह भी राजपूत हैं. इसके अलावा जन सुराज ने यहां से आनंद सिंह को चुनावी रण में उतारा है. वो भी राजपूत जाति से हैं. तीनों का ज्यादा से ज्यादा ध्यान राजपूत वोटरों को अपने पाले में करने पर होगा. इस वजह से बाकी जनाधार रखने वाली जातियां जैसे यादव, मुस्लिम और दलित वोटर इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे. यहीं डर बीजेपी को सता रहा है. कि कहीं राजपूत मतदाताओं में बिखराव से अशोक कुमार सिंह का मामला बिगड़ ना जाए.

क्या है राजनीतिक मिजाज?

कैमूर की रामगढ़ विधानसभा सीट पर हमेशा से समाजवादी विचारधारा वाले दल मजबूत रहे हैं. 1951 में स्थापित इस विधानसभा सीट पर अबतक कुल 19 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. जिसमें से 6 बार आरजेडी, कांग्रेस 4, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी 3 बार जीत दर्ज की है. हालांकि पिछले तीन विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने दो बार जीत दर्ज की है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

अग्निवीरों को 5 विभागों में 20% आरक्षण, मोहन यादव कैबिनेट ने लगाई मुहर

Agniveer Reservation In MP: मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट ने युवाओं और अग्निवीरों के…

5 minutes ago

Meerut Fake Stamp Scam: 997 बैनामों में लगे थे 1577 फर्जी स्टांप, पुलिस ने कुर्क की आरोपी की संपत्ति; EOW भी कर रही जांच

मेरठ में 11 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित फर्जी स्टांप घोटाले में पुलिस ने…

5 minutes ago

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, दायर की हस्तक्षेप याचिका

कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अभिव्यक्ति की आजादी और विधायी विशेषाधिकारों के संतुलन से जुड़े मामले…

7 minutes ago

दिल्ली मेट्रो में मां से बिछड़ा मासूम, CISF जवान ने ऐसे मिलाया; VIDEO देख नम हो जाएंगी आंखें

दिल्ली मेट्रो में एक 8-10 साल का बच्चा अपनी मां से बिछड़ गया था. गनीमत…

17 minutes ago

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव के रिजल्ट घोषित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव के नतीजे घोषित करने पर रोक लगा…

29 minutes ago

लो जी! युवक ने इंद्रदेव पर करा दी शिकायत, बारिश से तंग आकर DM से बोला- दिव्य संपर्क से रोक लगवाओ

Hardoi Indra Dev Complaint: उत्तर प्रदेश के हरदोई में लगातार बारिश से तंग आकर युवक…

41 minutes ago