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हनुमान अंश के सामने मिर्जापुर का ‘दायरा’ सिमटा: थियेटर में चला आस्था का जादू, ओटीटी स्टार्स की चमक पड़ी फीकी

Hanuman Ansh Box Office Collection: भारतीय सिनेमा के इतिहास में अक्सर देखा गया है कि जब किसी फिल्म को दर्शकों के अटूट विश्वास और आस्था का संबल मिलता है, तो बड़े से बड़े स्टार्स और स्थापित फ्रैंचाइजी भी उसके आगे घुटने टेक देते हैं. बॉक्स ऑफिस पर हाल ही में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहाँ दक्षिण भारतीय लोककथाओं और आस्था पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने अपनी कमाई से हर किसी को हैरान कर दिया. दूसरी ओर, मशहूर वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले कलाकारों की नई क्राइम-थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों के लिए तरसती नजर आई. ‘हनुमान अंश’ की धमाकेदार कमाई के सामने  का ‘मिर्जापुर’ दायरा पूरी तरह सिमट कर रह गया.

‘हनुमान अंश’ का जबरदस्त दबदबा

कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘हनुमान अंश’ ने अपने पहले ही वीकेंड में भारतीय थियेटरों में ताबड़तोड़ बिजनेस किया. मात्र 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने अब तक बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के 47 दिनों में दुनियाभर में 366 करोड़ रुपये से अधिक की कुल कमाई कर ली है. फिल्म को मिल रहे जबरदस्त वर्ड ऑफ माउथ (Word of Mouth) के कारण इसके मॉर्निंग और नाइट शो लगातार हाउसफुल जा रहे हैं.

हनुमान अंश ने मिर्जापुर को पछाड़ा

वहीं दूसरी तरफ, ‘मिर्जापुर’ के लोकप्रिय चेहरों से सजी क्राइम-ड्रामा फिल्म का हश्र बॉक्स ऑफिस पर बेहद निराशाजनक रहा. ओटीटी (OTT) पर ‘मिर्जापुर’ के जरिए घर-घर में तहलका मचाने वाले अभिनेताओं की मौजूदगी के बावजूद, दर्शक इस फिल्म को देखने सिनेमाघर तक नहीं पहुंचे भारी प्रचार और नामचीन चेहरे होने के बावजूद, कमजोर पटकथा और रिपीटेड (घिसे-पिटे) कंटेंट के कारण फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही. पहले वीकेंड में ‘दायरा’ पूरे देश में महज 3.5 से 4 करोड़ रुपये की ही कमाई कर सकी. भारी प्रचार और नामचीन चेहरे होने के बावजूद, कमजोर पटकथा और रिपीटेड (घिसे-पिटे) कंटेंट के कारण फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह नाकाम रही.

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कंटेंट और आस्था का जादू पड़ा भारी

यह पहली बार नहीं है जब ‘मिर्जापुर’ फेम कलाकारों की किसी थियेट्रिकल रिलीज को ऐसी चुनौती का सामना करना पड़ा हो. ‘दायरा’ जैसी फिल्मों को देखकर यह साफ होता है कि केवल ओटीटी की स्टार वैल्यू या बोल्ड और वायलेंट कंटेंट के भरोसे थियेटर में टिकटें नहीं बेची जा सकतीं.’हनुमान अंश’ की सफलता इस बात का प्रमाण है कि आज का दर्शक सिनेमाघर में अपनी संस्कृति, जड़ों और भव्यता को महसूस करना चाहता है. ‘हनुमान अंश’ की मजबूत कहानी, प्रभावशाली विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और डिवाइन फील ने दर्शकों को थियेटर में सीट से बांधे रखा, जबकि ‘दायरा’ अपनी ही सीमित कहानी के दायरे में सिमट कर रह गई.
भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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