Kishore Kumar Birthday: संगीत और सिनेमा की दुनिया में कुछ नाम हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं. किशोर कुमार ऐसा ही एक नाम है, जो न सिर्फ अपनी आवाज से, बल्कि अपने अंदाज़, अपने अभिनय और अपनी सादगी से करोड़ों दिलों पर राज करते रहे.
आज, 4 अगस्त को उनकी 96वीं जयंती है. ये मौका है उस शख्सियत को याद करने का, जिसने इंडस्ट्री को कई यादगार नग़मे दिए, मगर अफसोस, कभी एक भी नेशनल अवॉर्ड नहीं मिला.
किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया कि एक बार उनके पिता को नेशनल अवॉर्ड मिलने वाला था, लेकिन आखिरी वक्त पर कहानी पलट गई. फिल्म ‘दूर गांव की छांव में’ में उन्होंने एक गंभीर किरदार निभाया था, जिसकी खूब सराहना हुई थी.
मगर जब अवॉर्ड की बात आई, तो उनसे कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई. किशोर दा ने साफ कह दिया, “पुरस्कार खरीदना मेरे बस की बात नहीं.” और यहीं से वो अवॉर्ड उनकी झोली में नहीं आ सका.
4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर कुमार का असली नाम था आभास कुमार गांगुली. नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे किशोर को शुरू से ही संगीत और मस्ती का शौक था. पिता वकील थे, मगर किशोर को कानून से नहीं, सुरों से लगाव था. बचपन की गलियों से निकलते हुए वो मुंबई पहुंचे और किशोर कुमार बन गए.
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किशोर दा न सिर्फ बेहतरीन गायक थे, बल्कि वो एक अच्छे अभिनेता, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी थे. ‘दूर गगन की छांव में’, ‘हाफ टिकट’ और ‘पड़ोसन’ जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग और अदाकारी आज भी याद की जाती है. अभिनय और गायन के साथ-साथ उन्होंने कुछ फिल्मों का निर्देशन भी किया, जो बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं.
किशोर कुमार की जिंदगी जितनी रंगीन पर्दे पर दिखी, उतनी ही भावनात्मक और उतार-चढ़ाव से भरी रही. उन्होंने चार शादियां कीं पहली रूमा गुहा ठाकुरता से, फिर मधुबाला से, जिनका निधन उनके साथ रहते हुआ. इसके बाद योगिता बाली और अंत में लीना चंद्रावरकर उनकी जीवनसंगिनी बनीं.
1981 में बेटे अमित की शादी टूटने की खबर ने उन्हें गहरा झटका दिया. उसी दिन उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी तबीयत कभी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी.
‘मेरे सपनों की रानी’, ‘नीले नीले अंबर पर’, ‘गाता रहे मेरा दिल’, ‘दिल क्या करे’ जैसे किशोर दा के सैकड़ों गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में मौजूद हैं. उनकी आवाज ने राजेश खन्ना, देव आनंद से लेकर अमिताभ बच्चन तक के किरदारों में जान डाल दी.
13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन उनकी आवाज, उनका अंदाज़, उनके गाने, सब आज भी हमारे बीच हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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