Bill Gates Weather Conspiracy: उत्तर भारत में मार्च के महीने में मौसम बेहद असामान्य रूप से बदल रहा है. आमतौर पर मार्च के महीने से उत्तर भारत में गर्मी स्टार्ट हो जाती है, लेकिन पिछले लगभग एक हफ्ते से लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी की वजह से उत्तर भारत में एक बार फिर ठंड लौट आई है. इसी बीच सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किये जा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उत्तर भारत में मौसम में हो रहे अचानक इस बदलाव के पीछे अमेरिकी उद्योगपति बिल गेट्स हैं. दावे में आगे कहा गया है कि मार्च महीने में हो रही बारिश सामान्य बारिश नहीं है, बल्कि यह मौत की बारिश है. बिल गेट्स ने कृत्रिम बारिश या मौसम में हेरफेर की है, ताकि भारत में जेनेटिकली मॉडिफाइज क्रॉप्स (GM) के लिए जमीन तैयार की जा सके. आखिर इस दावे में कितनी सच्चाई है?
सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे के पीछे क्लाउड सीडिंग है. यह एक तरह की कृत्रिम बारिश होती है. वैज्ञानिक बेमौसम बारिश कराने के लिए बादलों में सिल्वर आयोडाइड या नमक का छिड़काव करते हैं. जिसकी वजह से बारिश होती है. हालांकि यह तकनीक हर बार काम नहीं करती है.
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में मार्च के महीने में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है. यह भूमध्य सागर से शुरू होकर ईरान-अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंची है. सर्दियों में मुख्य रूप से दिसंबर से जनवरी के महीने में यह आम है, लेकिन इस बार मार्च में एक के बाद एक कई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आ रहे हैं.
ये भी पढ़ें- ईरान के परमाणु केंद्र पर सर्जिकल स्ट्राइक! नतांज फैसिलिटी क्षतिग्रस्त, क्या अब शुरू होगा एटमी युद्ध?
जिसकी वजह से उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी और ओले गिर रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग ने कई इलाकों में यलो अलर्ट जारी कर कहा है कि 20 से 21 मार्च तक बारिश हो सकती है.
इस प्रकार यह दावा पूरी तरह से निराधार है. इसका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
Ujjain Shahi Masjid controversy: उज्जैन शाही मस्जिद विवाद और पथराव के मामले में पुलिस ने…
UP Investment Hub: उत्तर प्रदेश को निवेश और कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिशों…
Chandra Shekhar Young Turk: बलिया के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को ‘यंग तुर्क’ कहा गया, लेकिन…
फिल्म निर्देशक सनोज मिश्र को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले…
UP Agriculture में डिजिटल खेती, कृषि रिसर्च, प्राकृतिक खेती, सोलर पंप और बेहतर बाजार व्यवस्था…
Ramnagar Ramlila: वाराणसी के रामनगर की रामलीला 220 साल से ज्यादा पुरानी जीवंत परंपरा है,…