फैक्ट चेक

क्या पीएम मोदी को झालमुरी खिलाने वाला था ‘SPG कमांडो’? जानें क्या है वायरल पोस्ट का असली सच

पश्चिम बंगाल चुनाव के शोर के बीच सोशल मीडिया पर दावों और प्रति-दावों का दौर भी तेज हो गया है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो खूब वायरल हुआ, जिसमें वे झाड़ग्राम की एक सड़क किनारे दुकान पर ‘झालमुरी’ का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आते ही विरोधियों ने एक नई बहस छेड़ दी. दावा किया जाने लगा कि जिस शख्स ने पीएम मोदी को झालमुरी खिलाई, वह कोई साधारण दुकानदार नहीं बल्कि भेष बदलकर खड़ा एक SPG कमांडो था. लेकिन क्या वाकई ये सच है? जब इस दावे की पड़ताल की गई, तो हकीकत कुछ और ही निकली.

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों का एक कोलाज तेजी से शेयर किया जा रहा है. एक तरफ पीएम मोदी के साथ खड़ा झालमुरी वाला युवक है, वहीं दूसरी तरफ वही युवक SPG की वर्दी में नजर आ रहा है. इस फोटो के साथ कैप्शन में लिखा जा रहा है कि ये पूरा वाकया ‘स्क्रिप्टेड’ था और सुरक्षा कारणों से एक जवान को ही दुकानदार बना दिया गया.

विपक्षी दलों के समर्थकों और कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने इस फोटो को ये कहते हुए साझा किया कि बीजेपी जनता को गुमराह कर रही है.

PIB फैक्ट चेक ने बताई सच्चाई

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए PIB Fact Check ने इसकी जांच की और इस दावे को पूरी तरह से फर्जी (Fake) करार दिया है. फैक्ट चेक में सामने आया कि SPG कमांडो वाली तस्वीर असली नहीं है, बल्कि उसे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) या एडिटिंग टूल्स की मदद से तैयार किया गया है.

असल सच्चाई ये है कि वो युवक वाकई एक स्थानीय दुकानदार है. पीआईबी ने उस दुकानदार का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वो प्रधानमंत्री को झालमुरी खिलाने का अपना अनुभव साझा कर रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह युवक अपनी छोटी सी दुकान चलाने वाला एक साधारण नागरिक है, न कि कोई सुरक्षाकर्मी.

वीडियो में क्या था खास?

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद अपने ‘एक्स’ हैंडल पर ये वीडियो साझा किया था. वीडियो में पीएम मोदी न केवल झालमुरी का स्वाद लेते दिख रहे हैं, बल्कि वे ईमानदारी से पैसे का भुगतान भी करते हैं. जब दुकानदार पैसे लेने से हिचकिचाता है, तो पीएम मोदी मुस्कुराते हुए जोर देकर कहते हैं कि मेहनत की कमाई के पैसे उसे जरूर लेने चाहिए.

जांच से ये स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वर्दी वाली फोटो पूरी तरह से मनगढ़ंत है और इसका मकसद सिर्फ भ्रम फैलाना है.

ये भी पढ़ें: क्या जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने आरएसएस के कार्यक्रमों को बताया अपने प्रमोशन की वजह? जानें वायरल वीडियो का पूरा सच

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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