Adani Green Energy: अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL), जो भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी है, ने अपनी स्थिरता यात्रा में एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोजर्स (TNFD) फ्रेमवर्क को अपने पूरे संगठन की रणनीति में शामिल किया है. यह फ्रेमवर्क कंपनियों को प्रकृति और जैव विविधता से जुड़े जोखिमों, अवसरों और प्रभावों को पहचानने और प्रबंधित करने का वैज्ञानिक तरीका देता है.
AGEL ने संकल्प लिया है कि 2030 तक जैव विविधता में कोई शुद्ध हानि नहीं होगी. इसके लिए कंपनी ने 27.86 मिलियन पेड़ लगाने की योजना बनाई है. यह कदम कंपनी की पर्यावरणीय जिम्मेदारी और प्रकृति-हितैषी विकास की दिशा में बड़ा प्रयास है.
AGEL के सीईओ आशीष खन्ना ने कहा,
“प्रकृति हमारे विकास की कहानी का केंद्र है. हम चाहते हैं कि नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार प्राकृतिक पूंजी की रक्षा और पुनर्स्थापना में योगदान दे. प्रकृति से जुड़े जोखिमों को सकारात्मक तरीके से संबोधित करना लंबे समय तक व्यवसाय की मजबूती और समुदायों व निवेशकों के लिए स्थायी मूल्य निर्माण के लिए जरूरी है.”
TNFD फ्रेमवर्क संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, UNDP, WWF और ग्लोबल कैनोपी जैसी संस्थाओं द्वारा शुरू किया गया है. इसे अपनाकर AGEL ने वैश्विक स्तर पर उन कंपनियों में अपनी जगह मजबूत की है जो नवीकरणीय ऊर्जा के साथ जैव विविधता को भी प्राथमिकता देती हैं.
AGEL भारत बिजनेस बायोडायवर्सिटी इनिशिएटिव (IBBI और IBBI 2.0) का भी हिस्सा है. कंपनी ने अपने दीर्घकालिक लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि वह जैव विविधता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी.
AGEL पहले से ही कई पर्यावरणीय मानकों पर अग्रणी है. इसकी परियोजनाएं वॉटर पॉजिटिव, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक फ्री और जीरो वेस्ट-टू-लैंडफिल प्रमाणित हैं. यह कंपनी की स्थायी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
AGEL भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी है, जिसके पास 16.5 गीगावॉट का परिचालन पोर्टफोलियो है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 50 गीगावॉट क्षमता हासिल करना है. गुजरात के खवड़ा में AGEL दुनिया का सबसे बड़ा 30 गीगावॉट का नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रही है, जो 538 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है.
ये भी पढ़ें-‘सीएम बनने के लिए 500 करोड़ का सूटकेस’… नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों पर बीजेपी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
अदाणी ग्रीन एनर्जी का यह कदम पारंपरिक ESG अनुपालन से आगे बढ़कर प्रकृति-हितैषी मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत है. यह न केवल भारत की जलवायु नेतृत्व को मजबूत करता है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कंपनी को प्रकृति और ऊर्जा संतुलन का अग्रणी उदाहरण बनाता है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
UP News: कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां थाईलैंड की एक युवती…
सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की पीठ ने 22 साल पुराने 'द हिंदू' विवाद को…
जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी में संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी के बाद सुरक्षा बलों ने बड़ा तलाशी…
भारत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमले…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास…
CJI सूर्यकांत ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह…