Sehar Shaikh statement: महाराष्ट्र के BMC के चुनावों में मुंब्रा सीट से चुनाव जीतने वाली 22 साल की युवा पार्षद सहर शेख के बयान ने देशभर में बवाल मचा दिया है. दरअसल, असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) से जीतकर BMC पहुंची सहर शेख ने जीत के बाद एक तल्ख कमेन्ट कर दिया है. विरोधियों पर तंज कसते हुए कह दिया कि ‘मुंब्रा को पूरी तरह से हरे रंग में रंग देना है और हर 5 साल में यहां से AIMIM का ही पार्षद चुना जाएगा’. उनके इस बयान के बाद से मुंबई समेत पूरे देश में भगवाकरण बनाम हराकरण की बहस छिड़ चुकी है. बता दें कि असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. पार्टी ने 29 महानगरपालिका में 12 में खाता खोलते हुए 126 सीटें जीती हैं.
सहर यूनुस शेख ने मुंब्रा सीट से जीत के बाद कहा कि आने वाले 5 साल बाद इलेक्शन में विरोधियों को इससे भी बड़ा मुंहतोड़ जवाब देंगे. पूरे मुंब्रा को ऐसे हरे रंग देंगे कि विरोधियों को बुरी तरह पछाड़कर भेज देंगे. हर एक कैंडिडेट 5 साल बाद AIMIM का आएगा, क्योंकि इस इलेक्शन में आप मजलिस की ताकत समझ चुके हैं. ये ताकत हमें अल्लाह ने दी है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. कुछ लोग इसे जोश से भरपूर बता रहे हैं तो वहीं कुछ इसे भड़काऊ मान रहे हैं. जिसके बाद से मुंबई में भगवा बनाम हरा बहस तेज हो गई है.
सहर यूनुस शेख, मुंब्रा से NCP के प्रत्याशी को हराकर पार्षद चुनी गई हैं. वह 22 साल की उम्र में पार्षद बनकर सबसे कम उम्र की AIMIM प्रत्याशी बनीं. उनके पिता यूनुस शेख भी राजनीति में लंबे अरसे से सक्रिय हैं. उनकी जीत को मुंब्रा में AIMIM के बढ़ते जनाधार और युवा नेतृत्व की सफलता माना जा रहा है.
मुंब्रा से NCP के प्रत्याशी को हराकर पार्षद चुनी गई सहर यूनुस शेख अपने बयान को लेकर चर्चा में आईं हैं. उनके पूरे मुंब्रा को हरा कर देने वाले बयान के अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. समर्थक लोग इसे उनका उत्साह और जश्न का एक साधारण भाषण करार दे रहे हैं, तो वहीं कुछ विश्लेषक इसे धार्मिक कट्टरता की ओर इशारा बता रहे रहे हैं. क्योंकि यह पहली बार नहीं है कि ओवैसी की पार्टी के किसी नेता ने धार्मिक कट्टरता को लेकर कुछ बोला हो इससे पूर्व भी कई नेता इस तरीके की बयानबाजी करते दिखे हैं. अब युवा सहर द्वारा दिया गया बयान लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, हालांकि अब यह देखेने का विषय होगा कि यह मुद्दा अब कितना लंबा चलता है.
आपको यह भी बता दें कि AIMIM ने महाराष्ट्र में सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा अच्छा प्रदर्शन किया है. राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में कुल 126 पार्षद जीते. पार्टी को छत्रपति संभाजीनगर में सबसे बड़ी जीत मिली, इसके अलावा मालेगांव में 21, नांदेड़ में 14 और अमरावती में 12 पार्षद बने. वहीं, ठाणे में 5, अकोला में 3, अहिल्यानगर में 2 और जालना में भी 2 सीटें भी AIMIM के नाम हुईं. जिसको पार्टी ने ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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