लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले, जमीन से जुड़े और जनसेवा को अपना धर्म मानने वाले अजित पवार का असामयिक निधन न सिर्फ उनके समर्थकों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है. उनके जाने की खबर के बाद देशभर से शोक संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार के निधन पर सोशल मीडिया के जरिए भावुक संदेश साझा किया. पीएम मोदी ने लिखा, श्री अजीत पवार जी जननेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर गहरा जुड़ाव था. महाराष्ट्र की जनता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले एक कर्मठ व्यक्ति के रूप में उनका व्यापक सम्मान था.
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों एवं वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जज्बा भी सराहनीय था. उनका असामयिक निधन अत्यंत दुखद और स्तब्ध कर देने वाला है. उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति हमारी संवेदनाएं. ओम शांति.
अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के तौर पर जाना जाता था. उनकी पहचान एक ऐसे नेता की थी, जो सीधे जनता से जुड़कर काम करता था. गांव, किसान, मजदूर और कमजोर तबकों के मुद्दे उनकी राजनीति के केंद्र में रहते थे. वे अक्सर कहते थे कि सत्ता का असली मकसद आम आदमी की जिंदगी को बेहतर बनाना होना चाहिए.
अजित पवार की प्रशासनिक समझ को लेकर उनके समर्थक ही नहीं, बल्कि विरोधी भी उनकी तारीफ करते रहे हैं. चाहे सिंचाई परियोजनाएं हों, ग्रामीण विकास से जुड़े फैसले हों या आर्थिक मामलों की समझ—उन्होंने कई बार अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई. संकट के समय त्वरित फैसले लेना और जमीनी हालात को समझना उनकी बड़ी ताकत मानी जाती थी.
अपने राजनीतिक जीवन में अजित पवार ने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने की बात की. शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे. यही वजह है कि उन्हें सिर्फ नेता नहीं, बल्कि एक जनसेवक के रूप में याद किया जाता है.
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में शोक की लहर है. उनके परिवार, समर्थकों और चाहने वालों के लिए यह एक ऐसा नुकसान है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा. राजनीतिक गलियारों में भी उनके योगदान को याद किया जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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