भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थापना दिवस के अवसर पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी की वैचारिक जड़ों और इसके भविष्य के लक्ष्यों को लेकर एक बेहद गहरा और प्रेरक संदेश दिया है. शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा का जन्म केवल सत्ता के गलियारों तक पहुंचने के लिए नहीं हुआ था, बल्कि इसका असली मकसद भारत को उसकी खोई हुई सांस्कृतिक और राजनीतिक गरिमा वापस दिलाना था. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों के पदचिह्नों पर चलते हुए पार्टी को ‘राष्ट्र पुनर्निर्माण’ का एक जीवंत संकल्प बताया. अमित शाह के इस संबोधन ने देशभर के करोड़ों कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा भर दी है, जो आज के दिन को एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए लिखा कि भाजपा की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना था. उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह राष्ट्रवादी चिंतन और वैचारिक दृढ़ता के साथ इस संगठन की नींव रखी गई थी. शाह के अनुसार, आज भाजपा जो कुछ भी है, वह उन महापुरुषों के बलिदानों का परिणाम है जिन्होंने उस समय एक वैकल्पिक राजनीति की कल्पना की थी जब देश को एक मजबूत राष्ट्रवादी आवाज की जरूरत थी.
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि भाजपा की मूल भावना ‘अंत्योदय’ का आधुनिक स्वरूप है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा ने पिछले एक दशक में सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई परिभाषा लिखी है. आज यह दल केवल एक राजनीतिक पार्टी भर नहीं रह गया है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं का सच्चा प्रतिनिधि बन चुका है.
पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस गौरवशाली दिन पर अपने विचार रखे. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज भाजपा जिस विशाल वटवृक्ष के रूप में खड़ी है, उसे सींचने में अनगिनत समर्पित कार्यकर्ताओं का पसीना लगा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा के पथ पर चलते हुए मोदी सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है. गडकरी ने उन सभी गुमनाम नायकों को भी नमन किया जिन्होंने संगठन को शून्य से शिखर तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन लगा दिया.
वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा को ‘विश्व का विशालतम राजनीतिक संगठन’ बताते हुए कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई दी. उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के भाव को आत्मसात करने वाला यह संगठन आज सेवा और सुशासन का पर्याय बन चुका है. शिवराज के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हर कार्यकर्ता राष्ट्रवाद की भावना से ओत-प्रोत होकर एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण में जुटा हुआ है.
भाजपा के आधिकारिक हैंडल से भी इस मौके पर एक प्रेरणादायक संदेश जारी किया गया, जिसमें ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘सेवा ही संगठन’ के मूल मंत्रों को दोहराया गया. स्थापना दिवस के इस अवसर पर पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें. 6 अप्रैल 1980 को जब भाजपा की शुरुआत हुई थी, तब से लेकर आज तक पार्टी ने कई ऐतिहासिक पड़ाव पार किए हैं. राम मंदिर निर्माण से लेकर अनुच्छेद 370 को हटाने तक, भाजपा ने अपने घोषणापत्र के वादों को हकीकत में बदलकर दिखाया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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