पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के घमासान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में एक हाई-वोल्टेज प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘चोट वाली राजनीति’ और ‘विक्टिम कार्ड’ पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जनता अब इस ड्रामे को समझ चुकी है. 40 पन्नों वाली चार्जशीट लेकर आए अमित शाह ने घोषणा की कि आगामी 6 मई को बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और सत्ता संभालने के महज 45 दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कटीले तार लगाने के लिए जमीन अधिग्रहित कर ली जाएगी.
इस दौरान शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि बंगाल अब घुसपैठियों के लिए भारत का एकमात्र खुला द्वार बनकर रह गया है, जिसे बंद करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है. उन्होंने दावा किया कि जिस तरह असम में भाजपा सरकार ने घुसपैठ रोकी, वही मॉडल अब बंगाल में लागू होगा.
अमित शाह ने टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन पर एक विस्तृत ‘चार्जशीट’ पेश करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल आज भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के राज में बंगाल विकास के मानचित्र से गायब हो गया है और यहां उद्योगों के लिए ‘कब्रिस्तान’ जैसा माहौल पैदा हो गया है.
शाह के मुताबिक, राज्य में एक ‘अपराधिक सिंडिकेट’ का बोलबाला है जो प्रशासनिक मशीनरी को अपनी उंगलियों पर नचा रहा है. उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि यह चार्जशीट भाजपा की नहीं बल्कि बंगाल की त्रस्त जनता की आवाज है जिसे पार्टी ने मंच दिया है.
भाजपा के बढ़ते जनाधार का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने आंकड़ों की झड़ी लगा दी. उन्होंने याद दिलाया कि 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा महज 10 प्रतिशत वोट और 3 सीटों पर थी, जो 2021 में बढ़कर 38 प्रतिशत वोट और 77 सीटों तक जा पहुंचा. शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 41 प्रतिशत वोट पाना इस बात का प्रमाण है कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है.
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा उठाए गए अराजकता और आर्थिक बदहाली के मुद्दों ने टीएमसी की जड़ों को हिला कर रख दिया है. भाजपा अब पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘पूर्वी भारत की सुरक्षा’ के इस सबसे महत्वपूर्ण चुनाव को जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है.
अमित शाह ने इस चुनाव को ‘सम्मानजनक जीवन’ बनाम ‘सिंडिकेट राज’ की लड़ाई करार देते हुए वादा किया कि भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल के गरीबों को मुफ्त इलाज, पक्के घर, मुफ्त बिजली और युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिलेगा. आगे उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि बंगाल के भविष्य और देश की अखंडता की दिशा तय करने के लिए है.
बता दें कि शाह के इस आक्रामक रुख ने टीएमसी खेमे में खलबली मचा दी है, खासकर घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उनके कड़े रुख ने चुनावी मुकाबले को पूरी तरह ध्रुवीकृत कर दिया है. अब देखना यह है कि ‘दीदी’ इस सियासी हमले का जवाब किस अंदाज में देती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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