Ants in Fuel Tank: पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान होकर आज की तारीख में आम आदमी वैकल्पिक ईंधन (Alternative Fuel) की तरफ भाग रहा है. इसी कड़ी में पर्यावरण को बचाने और जेब का खर्च कम करने के लिए लोगों ने E85 एथेनॉल फ्यूल (E85 Ethanol Fuel) का रुख करना शुरू किया था.
दरअसल लोगों को लगा कि यह एक बेहद समझदारी भरा और किफायती फैसला है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस समय एक ऐसा अजब-गजब वीडियो वायरल हो रहा है जिसने न सिर्फ गाड़ी मालिकों के होश उड़ा दिए हैं बल्कि इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है. वीडियो देखकर लोग हैरान भी हैं और पूछ रहे हैं कि भाई! यह कार का फ्यूल है या गन्ने का शुद्ध रस?
दरअसल, वायरल हो रहे इस हैरान कर देने वाले वीडियो में दिखाई देता है कि एक शख्स अपनी फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) कार में E85 एथेनॉल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंचता है. लेकिन जैसे ही वह फ्यूल टैंक का ढक्कन खोलता है, वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है.
टंकी के मुंह के चारों तरफ छोटी-छोटी चींटियों का पूरा समंदर उमड़ा हुआ था. लाखों चींटियां कार की टंकी पर इस कदर भिनभिना रही थीं, मानो वे किसी पेट्रोल पंप पर नहीं बल्कि हलवाई की दुकान पर सीधे चाशनी पीने पहुंच गई हों! चींटियों ने पूरी फ्यूल टंकी को अपना नया आशियाना बना लिया था.
Is this nature telling you how much sugarcane juice is in your petrol nowadays?
(Video from Sikkim) pic.twitter.com/JR9HQPDFur
— Kapil (@kapsology) June 14, 2026
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर पेट्रोल-डीजल की गंध से दूर भागने वाली चींटियां इस फ्यूल टैंक पर क्यों टूट पड़ीं? तो जवाब है E85 ईंधन की मिठास! दरअसल, E85 एक ऐसा मिश्रित ईंधन है जिसमें 85% एथेनॉल और सिर्फ 15% पेट्रोल होता है. यह एथेनॉल मुख्य रूप से हमारे देश में गन्ने, मक्के और अन्य मीठी कृषि फसलों से तैयार किया जाता है. यही वजह है कि इस ईंधन में गन्ने के रस जैसी हल्की प्राकृतिक मिठास और खुशबू होती है. चींटियों की सूंघने की शक्ति लाजवाब होती है, इसलिए उन्हें यह फ्यूल टैंक किसी गन्ने के खेत या मिठाई के डिब्बे जैसा लगा और वे उस पर हमला बोल बैठीं.
इस अजब-गजब वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है और लोग जमकर चुटकी ले रहे हैं. एक यूजर ने हंसते हुए लिखा, “भाई, जरा सोचो इस गन्ने के रस वाली चाशनी से अंदर इंजन का क्या हाल होगा? पूरा ब्लॉक हो जाएगा. वहीं, एक दूसरे यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि अगर रात को टंकी फुल करवाकर छोड़ दी, तो सुबह तक चींटियां और मक्खियां 85% एथेनॉल चूस जाएंगी, टंकी में सिर्फ 15% पेट्रोल ही बचेगा!
वहीं मजाक से इतर, इस वीडियो (Ants in Fuel Tank Viral Video) ने अब कार कंपनियों के सामने एक बड़ा तकनीकी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एथेनॉल की यह ‘मिठास’ भविष्य में गाड़ियों के इंजन के लिए सबसे बड़ी आफत बनने वाली है?
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान चलती कार से पेश होने वाले अधिवक्ता…
कैसे योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल ने कानून-व्यवस्था, निवेश, एक्सप्रेसवे, ओडीओपी (ODOP) और प्रशासनिक सुधारों…
Ram Vilas Paswan Political Strategy: रामविलास पासवान को क्यों कहा जाता था राजनीति का 'मौसम…
MPNRC donkey nursing registration certificate: मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने जारी किया 'DONKEY MPNRC' के…
भारत की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.आई. पद्मावती ने युद्ध, सामाजिक बंदिशों और…
भोजपुर का भूमिगत क्रांतिकारी आंदोलन कैसे कृषि संकट, मजदूरी और सामाजिक सम्मान के संघर्षों से…