देश

Assam Anti Polygamy Bill: असम में पत्नी के रहते दूसरी शादी की तो 10 साल तक की जेल, सीएम बोले-महिलाओं के अधिकारों से समझौता नहीं

Assam Anti Polygamy Bill: असम विधानसभा में गुरुवार को बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक पारित कर दिया गया. इस बिल का मुख्य मकसद है छठी अनुसूची वाले आदिवासी क्षेत्रों को छोड़कर पूरे असम में बहुविवाह की प्रथा को गैरकानूनी घोषित करना और इसे समाप्त करना है. सरकार का कहना है कि यह कदम समाज में समानता लाने और खासकर महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में बेहद जरूरी था.

इस नए विधेयक में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति दूसरी शादी करता है और उसका पहला जीवनसाथी जीवित हो और कानूनी तौर पर तलाक न हुआ हो तो इसे साफ तौर पर बहुविवाह माना जाएगा. आसान शब्दों में कहें तो अब छिपाकर शादी करना या पहली शादी को नजरअंदाज करना किसी भी सूरत में नहीं चलेगा.

बिल में बहुविवाह करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. ऐसे मामलों में दोषी को 7 साल तक जेल हो सकती है और अगर कोई अपनी पहली शादी को छिपाकर दोबारा शादी करता है तो उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है.

शादी करवाने वाले को भी 2 साल तक की सजा

कहा गया है कि इस बिल में उन महिलाओं को भी ध्यान में रखा गया है जो इस तरह की गैरकानूनी शादियों की वजह से परेशान होती हैं. विधेयक में प्रभावित महिलाओं के लिए मुआवजा और कानूनी सुरक्षा का प्रावधान किया गया है ताकि वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित रह सकें. इसके अलावा अगर कोई पुजारी, परिवार वाला या कोई अन्य व्यक्ति ऐसे विवाह को करवाने में मदद करता है, तो उसे भी दो साल तक की सजा हो सकती है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले को महिलाओं के अधिकारों के लिए बड़ा अहम बताया. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि असम अब पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है और महिलाओं के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ‘असम बहुविवाह निषेध विधेयक 2025’ के जरिए सरकार महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और आरोपियों को कठोर दंड का पूरा भरोसा देती है.

उनका कहना है कि यह बदलाव सीधे तौर पर समाज सुधार से जुड़ा हुआ है. यह कदम उन राज्यों जैसा है जिन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर काम शुरू कर दिया है. उत्तराखंड विधानसभा पहले ही इस तरह का कानून पास कर चुकी है. असम सरकार मानती है कि समाज में एकरूपता और महिलाओं के अधिकारों की मजबूती तभी आएगी, जब कानूनी तौर पर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो.


ये भी पढ़ें: ‘शिवकुमार हमें स्वीकार’, कर्नाटक के ‘किंग’ पर मुहर! सिद्धारमैया गुट ने डाले हथियार, 1 दिसंबर को फैसला !


-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

बिहार के पीरू गांव ने दिल्ली को दिखाई नई राह: कंक्रीट के जंगलों में महकी गांव की सोंधी मिट्टी, प्रवासियों के लिए क़ायम की अनूठी मिसाल

यूनिवर्सिटी एल्युमनाई की तर्ज़ पर अब गांव के बाशिंदे भी महानगरों में मनाएं अपनी मिट्टी…

4 hours ago

श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की छात्रवृत्ति के लिए 102 मेधावी चयनित: सीएम मोहन यादव ने दी बधाई, खंडवा जिले से सर्वाधिक 6 विजेता

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा 102 छात्र-छात्राओं को 'भगवान श्रीकृष्ण मेधावी…

8 hours ago

खड़गे के विवादित बयान के बाद सुर्खियों में पीएम मोदी के पिता! जानिए कौन थे दामोदरदास मूलचंद मोदी?

राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी चर्चा में…

9 hours ago

मौसम बदलते ही बदला रामलला का दिनचर्या, अब सुबह 4 बजे खुलेंगे पट, जानिए पूरी समय-सारणी

1 नवंबर से अयोध्या के राम मंदिर में श्रीरामलला की पूजा, आरती और दर्शन का…

9 hours ago

मोदी सरकार का बड़ा एक्शन: नार्को-कार्टेल पर सुरक्षा एजेंसियों का सर्जिकल स्ट्राइक, 100 करोड़ का हवाला नेटवर्क ध्वस्त

NCB ने मिजोरम पुलिस और ED के साथ मिलकर 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' लॉन्च किया. असम, मिजोरम…

10 hours ago