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जंगलों से घिरे बलरामपुर में आई एआई क्रांति..! छत्तीसगढ़ के पहले AI डेटा सेंटर के क्या हैं मायने?

रिपोर्ट- आनंद मिश्रा


Balrampur AI Data Center: छत्तीसगढ़ का जनजातीय बहुल और दूरस्थ जिला बलरामपुर अब प्रदेश के ‘टेक्नोलॉजी और एआई मैप’ पर सबसे आगे निकल गया है. बलरामपुर जिला प्रशासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिग्गजों में शुमार ‘प्रिज्मा एआई’ (Prisma AI) के साथ ‘कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर’ की स्थापना के लिए ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं.

इसके साथ ही बलरामपुर पूरे छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां इस तरह का आधुनिक AI डेटा एनोटेशन सेंटर शुरू होने जा रहा है. यह पहल जिले के ग्रामीण युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के लिए डिजिटल क्रांति और रोजगार के नए द्वार खोलेगी.

बलरामपुर में AI की पहली प्रयोगशाला(Balrampur AI Data Center)

जिला प्रशासन और प्रिज्मा एआई के बीच हुए इस समझौते के तहत बलरामपुर में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा. इसका मुख्य मकसद ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के शिक्षित युवाओं को ग्लोबल टेक्नोलॉजी से जोड़ना है. इस केंद्र के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिजों और जंगलों का प्रदेश ही नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़ा हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है.

महिलाओं और युवाओं के हाथों में आया ‘हाई-टेक फ्यूचर’

पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले 10 सीटों वाला हाई-टेक सेंटर शुरू किया जा रहा है. इस सेंटर में गांव की स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं और शिक्षित युवाओं को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इन्हें AI साक्षरता, डेटा लेबलिंग (Data Labeling), इमेज टैगिंग (Image Tagging) और डेटा वेरिफिकेशन (Data Verification) जैसी एडवांस्ड स्किल सिखाई जाएगी, जो आज की तारीख में ग्लोबल आईटी मार्केट की सबसे भारी डिमांड में से एक है.

ट्रेनिंग खत्म होते ही सीधे ‘रियल AI प्रोजेक्ट्स’ पर काम

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन युवाओं और महिलाओं को सीधे वास्तविक AI प्रोजेक्ट्स में काम करने का मौका मिलेगा. यानी, गांव में रहकर ही बलरामपुर के युवा दुनिया भर की AI कंपनियों के लिए डेटा तैयार करेंगे और अच्छी-खासी आय अर्जित कर सकेंगे. यह पहल पलायन रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल ताकत देने में गेमचेंजर साबित होगी.

01 से 07 अक्टूबर तक ‘सेवा सेतु शिविर’ की शुरुआत

एआई क्रांति के साथ-साथ बलरामपुर जिला प्रशासन ने जन-जन तक सरकारी योजनाएं पहुंचाने के लिए 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक विशेष ‘सेवा सेतु शिविरों’ के आयोजन की घोषणा की है. इन शिविरों में ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारियों की टीम मौके पर ही आवेदनों का निपटारा करेगी और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ेगी.

‘सेवा और तकनीक का बेजोड़ संगम’

बलरामपुर जिला प्रशासन की इस दोहरी रणनीति की चारों तरफ सराहना हो रही है-एक तरफ ‘सेवा सेतु’ से अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुंच और दूसरी तरफ ‘AI डेटा सेंटर’ से युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना. प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों, युवाओं और महिलाओं से अपील की है कि वे 1 से 7 अक्टूबर तक लगने वाले शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और एआई सेंटर के जरिए अपनी किस्मत बदलें.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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