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आधी रात को कटी बिजली, फिर घुसे बुलडोजर… बंगाल के संतोषपुर स्टेशन की जमीन हड़पने वालों पर रेलवे का सबसे बड़ा प्रहार

रिपोर्ट- संजय माझी


Santoshpur Station Encroachment Removal Drive: पश्चिम बंगाल में हुए ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सरकारी जमीनों और रेलवे की संपत्तियों को ‘सिंडिकेट राज’ और अवैध कब्जों से मुक्त कराने का महा-अभियान पूरे शबाब पर है. इसी कड़ी में मंगलवार की काली रात रेलवे प्रशासन ने संतोषपुर स्टेशन परिसर में अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली सर्जिकल स्ट्राइक की है.

रेल प्रशासन ने भारी पुलिस बल और बुलडोजरों की मदद से स्टेशन के आसपास और प्लेटफॉर्म पर अवैध रूप से बनी दर्जनों दुकानों को रातभर में मटियामेट कर दिया. सत्ता के संरक्षण में सालों से चल रहे इस हॉकर्स साम्राज्य पर हुए अचानक एक्शन से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

जानिए रेलवे ने कैसे ढाया कहर?

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, संतोषपुर स्टेशन के चारों तरफ और रेलवे की बेशकीमती जमीनों पर लंबे समय से भू-माफियाओं और हॉकर्स ने अवैध कब्जा कर पक्की दुकानें और ढांचे खड़े कर लिए थे. मंगलवार की रात लगभग 10 बजे रेलवे के आला अधिकारी भारी लाव-लश्कर के साथ अचानक स्टेशन पहुंचे.

स्टेशन पहुंचते ही किसी भी तरह के विरोध या बवाल को रोकने के लिए सबसे पहले पूरे स्टेशन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति काट दी गई (ब्लैकआउट किया गया). इसके तुरंत बाद रेलवे ने अपने महाबली बुलडोजरों को आगे कर दिया और एक-एक करके अवैध दुकानों को ढहाना शुरू कर दिया.

छावनी में तब्दील हुआ स्टेशन

इस बड़े ‘नाइट ऑपरेशन’ को सकुशल संपन्न कराने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ-साथ राज्य पुलिस की भारी तैनाती के कारण पूरा स्टेशन परिसर छावनी में तब्दील नजर आया.

रेलवे का यह एक्शन सिर्फ स्टेशन के बाहर तक ही सीमित नहीं रहा; अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म के भीतर अवैध रूप से पैर पसार चुके ढांचों, स्टॉलों और दुकानों को भी कर्मचारियों की मदद से उखाड़ फेंका. देर रात तक चले इस खामोश ऑपरेशन ने अतिक्रमणकारियों को संभलने का एक मौका भी नहीं दिया.

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अगले निशाने पर हैं ये स्टेशन्स

रेलवे प्रशासन ने इस कड़े कदम पर आधिकारिक रुख साफ करते हुए कहा है कि स्टेशनों को अतिक्रमण मुक्त बनाना और रेल यात्रियों को सुरक्षित व बेहतर सुविधाएं देना उनकी पहली प्राथमिकता है. अवैध दुकानों की वजह से यात्रियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. साथ ही रेलवे सूत्रों ने साफ संकेत दिए हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है; आने वाले दिनों में विभिन्न रूटों के कई और बड़े स्टेशनों पर भी इसी तरह के ताबड़तोड़ ‘बुलडोजर ऑपरेशन्स’ जारी रहेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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