नई दिल्ली: आरएसएस की प्रेरणा से संचालित राष्ट्रवादी संगठन भारत भारती हिन्दुस्तान को विश्व गुरु बनाने के उद्देश्य से पिछले 20 वर्षों से लगातार काम कर रही है. पुणे में आयोजित तीन दिवसीय पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें भारत भारती के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रभारियों एवं प्रदेश अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों ने भाग लिया.
अधिवेशन कार्यक्रम बैठक की अध्यक्षता भारत भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विनय भाई पत्राले और ट्रस्ट के अध्यक्ष सुभाष धावन, संचालन सचिव रुद्र नारायण तिवारी और संगठन मंत्री जगन्नाथ कुंजबिहारी स्वाईं और सह सचिव साधना राव व डॉक्टर अरविंद पवार के सानिध्य में संपन्न हुआ. वास्तव में, इस पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन में भारत के श्रेष्ठतम एवं सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का आगमन हुआ. अधिवेशन का उद्घाटन चन्द्रयान-2 के जनक, मशहूर वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर एस सोमनाथ ने किया.
इस बैठक में भारत के 100 शहरों और 25 प्रान्तों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, प्रसिद्ध उद्योगपति और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों की हस्तियां शामिल रहीं. कार्यक्रम में समाज के दबे-कुचले लोगों की मदद और सहयोग के लिए देशभर से आई विभिन्न हस्तियों को न केवल सम्मानित किया गया, बल्कि उन्हें शील्ड और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए. गौरतलब है कि इस भारत भारती संगठन में करीब 22 महत्वपूर्ण लोग जो पूर्व में आरएसएस के प्रचारक और वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं अपनी जिम्मेदारियों का देशभर में प्रवास करके बखूबी निर्वहन कर रहे हैं.
इस संबंध में भारत भारती के उत्तर क्षेत्र के प्रभारी इरफ़ान अहमद ने कहा कि भारत भारती जो देशभर में विभिन्न भाषाओं और प्रांतों के लोगों के साथ काम करके एक बेहतर और गौरवशाली विकसित भारत के निर्माण के उद्देश्य से काम कर रही है. वहीं पूर्व इसरो चीफ डॉक्टर सोमनाथ ने कहा कि भारत भारती एक भारत श्रेष्ठ भारत के उद्देश्य से विभिन्न राज्य भाषाओं के लोगों को जोड़ने और भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में काम कर रही है. इस महत्वपूर्ण अधिवेशन का समापन आरएसएस के सह सर कार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने किया और उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत भारती देश का अद्भुत संगठन है जो भारत के विभिन्न शहरों में प्रवास करके अपने देश की संस्कृति और संस्कारों को एक प्लेटफॉर्म पर इकठ्ठा करके सरदार वल्लभ भाई के सपनों को साकार करने में कामयाब हो रहा है.
उन्होंने वंदे मातरम गीत के 150 साल पूरे होने पर भी उसके इतिहास के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारियां दी. अंत में भारत भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जगन्नाथ कुंजबिहारी स्वाईं ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया. इस अधिवेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन करने के लिए अचल जैन और शिरीष गुढ़े एवं उनकी पूरी टीम का विशेष अभिनंदन किया गया. इस अधिवेशन में देशभर से लगभग 400 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की, विशेष रूप से मेजर संजय मेहरोत्रा, मेजर संतोष हेगड़े, कर्नल देवेन्द्र सिंह गहलोत, अनीता आचार्य, रीना गहलोत, गीता अग्रवाल और विजया गुप्ता, पूर्व आईपीएस रुपिंदर कौर, मीनाक्षी पदमनाभम, विवेकानंद दीक्षित, विनोद त्रिपाठी आदि का नाम उल्लेखनीय है.
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भारत एक्सप्रेस
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