दुनिया के सबसे बड़े खेल महाकुंभ यानी फीफा विश्वकप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांच अब अपने चरम पर पहुँच चुका है. राउंड ऑफ 16 के सभी नॉकआउट मुकाबले समाप्त होने के बाद अब टूर्नामेंट में केवल आठ सर्वश्रेष्ठ टीमें बची हैं. सह-मेजबान अमेरिका और कई अन्य बड़े उलटफेरों के बाद अब अंतिम-आठ (Quarter Finalists) के बीच सेमीफाइनल का टिकट पाने के लिए कांटे की टक्कर होने वाली है.
11 जुलाई से शुरू हो रहे इस अंतिम-आठ राउंड में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस और स्पेन जैसी दिग्गज टीमें आमने-सामने होंगी. आइए आंकड़ों और सांख्यिकी के झरोखे से समझते हैं कि इस बार किसका पलड़ा सबसे भारी नजर आ रहा है.
क्वार्टर फाइनल मुकाबले (भारतीय समयानुसार)
| मुकाबला | तारीख | समय |
|---|---|---|
| फ्रांस vs मोरक्को | 10 जुलाई | रात 1:30 बजे |
| स्पेन vs बेल्जियम | 11 जुलाई | रात 12:30 बजे |
| नॉर्वे vs इंग्लैंड | 12 जुलाई | रात 2:30 बजे |
| अर्जेंटीना vs स्विट्जरलैंड | 12 जुलाई | सुबह 6:30 बजे |
क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों में से चार पहले ही विश्व कप जीत चुकी हैं. इनमें शामिल हैं –
| टीम | विश्व कप खिताब | किस साल चैंपियन बनी |
|---|---|---|
| अर्जेंटीना | 3 | 1978, 1986, 2022 |
| फ्रांस | 2 | 1998, 2018 |
| इंग्लैंड | 1 | 1966 |
| स्पेन | 1 | 2010 |
क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों में छह अपनी-अपनी ग्रुप विजेता रही थीं –
लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना की टीम इस बार भी खिताब की सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही है. राउंड ऑफ 16 में टीम ने अपनी रणनीतिक पकड़ और मजबूत फॉरवर्ड लाइन के दम पर जगह बनाई है. दूसरी तरफ, रिकॉर्ड पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील अपने साम्बा स्टाइल फुटबॉल और युवा स्ट्राइकर्स के दम पर किसी भी डिफेंस को भेदने का दम रखती है. सांख्यिकी (Stats) के लिहाज से ब्राजील का गोल-कन्वर्जन रेट इस टूर्नामेंट में सबसे शानदार रहा है, जो विरोधी टीमों के लिए एक बड़ी चेतावनी है.
किलियन एम्बापे की अगुवाई वाली फ्रांस की टीम लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. फ्रांस की मिडफील्ड और काउंटर-अटैक करने की गति इस समय दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है. वहीं, स्पेन की युवा और पासिंग गेम (Tiki-Taka) में माहिर टीम ने अब तक खेले गए मैचों में विपक्षी टीमों को पूरी तरह बैकफुट पर रखा है. इसके अलावा, हाल ही में मेजबान अमेरिका का सपना तोड़ने वाली बेल्जियम (रेड डेविल्स) की टीम भी अपने बेहतरीन फॉर्म की बदौलत किसी भी उलटफेर को अंजाम देने के लिए तैयार खड़ी है.
हालांकि, क्वार्टर फाइनल के इस पड़ाव पर किसी भी टीम के लिए राह आसान नहीं होने वाली है. जहां पुर्तगाल और इंग्लैंड जैसी टीमों को अपने डिफेंसिव एरर्स को सुधारना होगा, वहीं पेनल्टी शूटआउट की स्थिति से निपटने के लिए गोलकीपरों की भूमिका सबसे अहम हो जाएगी. जो टीम मिडफील्ड पर नियंत्रण रखेगी और नॉकआउट के दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, वही चमचमाती ट्रॉफी के करीब पहुंचेगी. फुटबॉल प्रशंसकों के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक होने वाले हैं.
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