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ISRO BRICS Satellite: ISRO और BRICS स्पेस एजेंसियां एक नए वर्चुअल सैटेलाइट नेटवर्क पर काम कर रही हैं. जानिए यह नया उपग्रह नेटवर्क पृथ्वी की निगरानी और आपदा प्रबंधन में कैसे मददगार साबित होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए फ्रांस समेत दुनियाभर के देशों को भारत के आगामी अंतरिक्ष अभियानों में साझेदार बनने का आमंत्रण दिया.

शुक्रवार को जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 उपग्रह को निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसरो की इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्व का पल बताया है.

ISRO EOS-05 launch: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने GSLV-F17 रॉकेट के जरिए भारत के पहले जियो-इमेजिंग सैटेलाइट EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. यह सैटेलाइट 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से सीमाओं और आपदाओं की रियल-टाइम निगरानी करेगा.

NATIONAL SPACE DAY 2026: राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर सरकार ने बताया- भारत की स्पेस इकोनॉमी 9 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जिसके अगले दशक में 40-45 अरब डॉलर होने का अनुमान है. वहीं, देश में पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 440 हो गई है.

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर अमित शाह ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता और ISRO वैज्ञानिकों के योगदान को याद किया.उन्होंने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों, युवाओं और निवेशकों से अंतरिक्ष क्षेत्र में नए प्रयोग और तकनीक विकसित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में ISRO और स्पेस सेक्टर की भूमिका बेहद अहम होगी.

Space Startups: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ में 20 स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स से बातचीत की. उन्होंने भारतीय स्पेस कंपनियों को ग्लोबल लीडर बनने और नई तकनीकों से आम लोगों का जीवन आसान बनाने का आह्वान किया.

ADITYA-L1 CORONAL HEATING DISCOVERY: भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 से मिले आंकड़ों के अध्ययन से वैज्ञानिकों को सूर्य के सबसे बाहरी वायुमंडल 'कोरोना' के अत्यधिक गर्म रहने और उसके ऊर्जा तंत्र से जुड़ी सदियों पुरानी पहेली को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है.

भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा चरखे और स्वदेशी आंदोलन से शुरू होकर आज सॉफ्टवेयर, UPI, अंतरिक्ष, AI और सेमीकंडक्टर तक पहुंच चुकी है.