देश

पंचायत और वन विभाग ने बुलाए शूटर, दनादन मरवा दिए 6 जानवर; आखिर नवादा में हो क्या रहा है?

रिपोर्ट-अमन


Bihar Nawada nilgai hunting for crop protection: बिहार के नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड की पंचगामा पंचायत में लंबे समय से किसानों को घोड़परास (नीलगाय) और जंगली सूअरों से भारी नुकसान हो रहा था. फसलों और बागवानी को चौपट करने वाले इन जानवरों से परेशान किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई तो वन विभाग ने विशेष शूटरों को बुलाकर लगभग 6 घोड़परास को खुलेआम मरवा दिया. हालांकि इस कार्रवाई से किसानों को बड़ी राहत मिली लेकिन साथ ही यह घटना जानवरों की निर्मम हत्या पर भी सवाल उठा रही है.

नीलगाय के आतंक से परेशान थे किसान

पंचायत के किसान बताते हैं कि घोड़परास और जंगली सूअर रात-दिन फसलों पर हमला करते थे. खेतों में खड़ी फसलें चट कर जाते थे. कई बार तो खेतों में काम करने वाले लोग भी इन जानवरों से डरते थे. दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता था. किसानों की शिकायत पर पंचायत मुखिया ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संपर्क किया. विभाग ने नियमों के तहत शिकार की अनुमति दी.

क्या कहता है वन विभाग का नियम ?

बिहार सरकार के वन्य प्राणी विभाग के तहत घोड़परास(नीलगाय) और जंगली सूअरों को फसल नुकसान पहुंचाने वाली प्रजाति माना जाता है. ऐसे में ग्राम पंचायत मुखिया को विशेष शूटर बुलाकर शिकार करवाने की अनुमति मिलती है. नियमों के अनुसार:

  • मारे गए प्रत्येक घोड़परास या जंगली सूअर के लिए बुलेट खर्च के रूप में 750 रुपये तत्काल भुगतान किया जाता है.
  • शिकार के बाद मृत जानवर को 5 गवाहों की उपस्थिति में जमीन में दफना दिया जाता है.
  • शिकार केवल अधिकृत शूटरों द्वारा ही किया जाता है.

बता दें कि इस बार भी पूरी प्रक्रिया का पूरा पालन किया गया. शूटरों ने जंगल और खेतों के आसपास घात लगाकर घोड़परास को निशाना बनाया.

किसानों में राहत, लेकिन सवाल भी

कार्रवाई के बाद किसानों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अब फसलें सुरक्षित रहेंगी. लेकिन कई किसान पूछ रहे हैं कि क्या यह समाधान स्थायी है? घोड़परास की संख्या बहुत ज्यादा है. क्या बार-बार शिकार करवाना ही एकमात्र रास्ता है? वहीं कुछ पशु प्रेमी लोग मामले पर अलग एंगल देते हुए कहते हैं कि घोड़परास संरक्षित प्रजाति है, ऐसे में बार-बार शिकार से पर्यावरण पर असर पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: शेख हसीना पर ग्रेनेड अटैक से लेकर उम्रकैद तक…अब बांग्लादेश की सत्ता में रहमान डकैत सी एंट्री? कौन हैं तारिक रहमान

कार्रवाई पर प्रशासन का रुख

वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई किसानों की फसलों को बचाने के लिए की गई है. घोड़परास को संरक्षित प्रजाति माना जाता है, लेकिन फसल नुकसान होने पर विशेष अनुमति से शिकार किया जा सकता है. हम लगातार निगरानी रख रहे हैं और किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

विधान परिषद चुनाव में किसका पलड़ा भारी? यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों में वोटिंग, 27 अक्टूबर को नतीजे

MLC Elections: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर मतदान…

1 minute ago

Gajkesari Rajyog 2026: नवंबर की शुरुआत में बनेगा सबसे दुर्लभ ‘गजकेसरी राजयोग’! इन 3 राशियों पर होगी छप्परफाड़ धनवर्षा

Gajkesari Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, नवंबर 2026 की शुरुआत में सिंह राशि में…

16 minutes ago

दिल्ली में वाहन चोरी, रांची में ठिकाना! कांके में रेड के दौरान 2 थार और 4 बाइक बरामद

रांची के कांके में दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दो थार…

26 minutes ago

काशी के आसमान में गरजे राफेल-सुखोई: ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में वायुसेना के करतबों ने किया मंत्रमुग्ध

वाराणसी में भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस…

34 minutes ago

‘थूककर चाटने वाला…’ Ex गर्लफ्रेंड अक्षरा सिंह के पास लौटेंगे पवन सिंह! पत्नी ज्योति ने कसा तंज

पवन सिंह के अक्षरा सिंह से माफी मांगने के बाद पत्नी ज्योति सिंह का वीडियो…

54 minutes ago