BJP Target Mallikarjun Kharge: एक तरफ राहुल गांधी अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के जरिए किसानों और आम जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव का दावा करते हैं. वहीं उनकी ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने कांग्रेस की कथनी और करनी में फर्क साफ कर दिया है. कर्नाटक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक किसान ने अपनी फसल बर्बाद होने का दर्द बयां करना चाहा तो खिसियाए खड़गे ने उसे बीच में ही रोक दिया और जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा- पब्लिसिटी के लिए मत आओ. यह बयान ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे को तार-तार करता नजर आ रहा है और कांग्रेस पर किसानों के अपमान का आरोप लग रहा है.
हुआ कुछ यूं था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे रविवार को कर्नाटक पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कलबुर्गी स्थित अपने आवास पर मीडिया को संबोधित (Mallikarjun Kharge press conference) किया. इसी दौरान एक किसान वहां अपनी बात रखने लगा. वह कर्नाटक की सरकार तक अपनी व्यथा पहुंचाना चाह रहा था. उसने बताया कि फसल को भारी नुकसान हुआ है. खासकर तुअर दाल की फसल नष्ट हो गई है. हालांकि, वह आगे कुछ बोल पाता इसी बीच खड़गे ने उसे रोक दिया और कहा यहां सिर्फ पब्लिसिटी के लिए मत आओ.
इतना ही नहीं गरीब किसान को अपमानित कर खड़गे का मन शांत नहीं हुआ. उन्होने इसे गरीब के सामने अपना दुखड़ा सुनाना शुरू कर दिया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि तुम्हारी चार एकड़ फसल खराब हुई होगी. मेरी तो 40 एकड़ बर्बाद हो गई है. तुअर ही नहीं, बल्कि मूंग, उड़द, कपास और सूरजमुखी सब बर्बाद हो चुकी हैं. पब्लिसिटी के लिए यहां मत आओ. जाकर मोदी और शाह से कहो कि फसल खराब हो गई है.
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने खड़गे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों, सैनिकों और संविधान का अपमान करती है. खड़गे ने एक किसान को भगा दिया, जो अपनी पीड़ा व्यक्त करने आया था. यह कांग्रेस की किसानों के प्रति सोच को दर्शाता है.
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इसके अलावा बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी खड़गे पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐतिहासिक असंवेदनशीलता ने दशकों तक किसानों को निराशा में धकेल दिया है. खड़गे ने किसानों के दर्द का मजाक उड़ाया और उन्हें प्रचार की तलाश न करने की सलाह दी.
खड़गे का यह बयान कांग्रेस की दशकों पुरानी उस ऐतिहासिक संवेदनशीलता को दिखाता है, जिसने किसानों को हमेशा निराशा की तरफ धकेला है. बीजेपी नेता अमित मालवीय और शहजाद पूनावाला ने इस घटना को कांग्रेस की किसान विरोधी सोच का प्रमाण बताया है. अब कांग्रेस पर आरोप लग रहे हैं कि राहुल गांधी की यात्राएं और किसानों के लिए उनकी बयानबाजी सिर्फ एक राजनीतिक पैंतरेबाजी है. जब पार्टी का मुखिया ही अन्नदाता की पीड़ा को ‘पब्लिसिटी’ बताकर उसका मजाक उड़ाता है तो यह उम्मीद करना बेमानी है कि कांग्रेस किसानों के सच्चे हित में काम करेगी.
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