BMC Election Results 2026: मुंबई में पिछले कई सालों से जिस घड़ी का इंतजार था, वो आखिरकार आ ही गई. गुरुवार (15 जनवरी) को मुंबई की सड़कों पर एक अलग ही गहमागहमी दिखी, जब देश की सबसे अमीर महानगरपालिका यानी BMC के लिए वोट डाले गए. अब सबकी नजरें आज, यानी शुक्रवार (16 जनवरी) को होने वाली वोटों की गिनती पर टिकी हैं.
इस बार का मुकाबला कोई आम चुनावी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह मुंबई के असली ‘किंग’ का फैसला करने वाली जंग है.
मुंबई की 227 सीटों पर कब्जा जमाने के लिए इस बार कुल 1,700 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं. दिलचस्प बात यह है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, इस बार 878 महिला उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रही हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 822 है.
मुंबई के करीब 1.03 करोड़ मतदाताओं के हाथ में इन उम्मीदवारों का भविष्य है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस भारी-भरकम वोटर लिस्ट में 55 लाख से ज़्यादा पुरुष और 48 लाख से ज़्यादा महिला वोटर शामिल हैं.
2017 के बाद मुंबईकर 2022 में वोट डालने वाले थे, लेकिन मामला खींचता चला गया. इसके पीछे तीन बड़ी वजहें रहीं:
कोरोना महामारी: जब 2022 में चुनाव होने थे, तब देश कोरोना की लहरों से जूझ रहा था, जिसकी वजह से चुनावी प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा.
OBC आरक्षण का पेंच: मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुँचा. कोर्ट का कहना था कि बिना पुख्ता डेटा के आरक्षण नहीं दिया जा सकता. कानूनी दांव-पेंच और तारीखों के चक्कर में करीब तीन साल तक मुंबई बिना किसी चुने हुए नगर सेवक के, सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटर के भरोसे चलती रही.
वार्डों की अदला-बदली: पहले की सरकार ने सीटों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी थी, लेकिन सत्ता बदली तो नई सरकार ने इसे फिर से 227 कर दिया. इस खींचतान ने भी चुनाव में काफी देरी कराई.
आखिरकार अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई और जनवरी 2026 तक हर हाल में चुनाव कराने का आदेश दिया.
ये भी पढ़ें- 20 जनवरी को ‘राजतिलक’: खरमास खत्म होते ही BJP ने किया तारिखों का ऐलान, कौन होगा बॉस?
बता दें कि 2017 का चुनाव याद करें तो शिवसेना और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर थी. शिवसेना को 84 और बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं. तब दोनों साथ थे, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. शिवसेना अब दो फाड़ हो चुकी है और समीकरण पहले जैसे नहीं रहे.
बीजेपी इस बार पूरी ताकत लगा रही है कि वह शिवसेना के इस पुराने किले को ढहाकर अपना पहला मेयर बना सके. वहीं दोनों ही गुटों के लिए यह अस्तित्व की लड़ाई है. कौन सी शिवसेना मुंबई के दिल पर राज करती है, इसका फैसला भी इन्हीं नतीजों से होगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…
DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…
उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…
चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और वोटर लिस्ट के स्पेशल गहन रिवीजन यानी…
गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जम्मू-कश्मीर से 150 अवैध बांग्लादेशी…