मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तारीखों का ऐलान तो अभी नहीं हुआ है लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. महाविकास आघाड़ी (MVA) के अंदर खींचतान शुरू हो गई है और इसकी वजह है राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की बढ़ती दोस्ती.
राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को MVA में शामिल करने की चर्चा ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और शिवसेना (UBT) के बीच तनाव बढ़ा दिया है. बयानबाज़ी का दौर चल पड़ा है और हर पार्टी अपनी-अपनी बात पर अड़ी हुई है.
मुंबई कांग्रेस के नेता भाई जगताप ने साफ कहा है कि कांग्रेस BMC चुनाव में किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता भी यही चाहते हैं कि कांग्रेस अकेले मैदान में उतरे. उन्होंने ये बात पार्टी हाईकमान तक पहुंचा दी है.
कांग्रेस के इस रुख पर मनसे नेता यशवंत किल्लेदार ने तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शायद डर है कि अगर राज ठाकरे का नाम लिया गया तो बिहार में वोट नहीं मिलेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि MNS ने कभी कांग्रेस से गठबंधन की मांग नहीं की बल्कि कांग्रेस को पहले अपने घर की चिंता करनी चाहिए.
जब विवाद बढ़ा तो कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि भाई जगताप की बात उनकी निजी राय है. पार्टी का अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा. हर नेता की अपनी सोच हो सकती है लेकिन आगे क्या करना है इसका अधिकार सिर्फ शीर्ष नेतृत्व के पास ही है.
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रदेश अध्यक्ष अबु आसिम आजमी ने सोशल मीडिया पर साफ कर दिया कि उनकी पार्टी MVA का हिस्सा नहीं बनेगी. उन्होंने कहा कि जो लोग बाबरी मस्जिद गिराने पर गर्व करते हैं और उत्तर भारतीयों का अपमान करते हैं, उनके साथ समाजवादी पार्टी का कोई मेल नहीं हो सकता. उन्होंने अपनी पार्टी की धर्मनिरपेक्ष राजनीति पर जोर दिया.
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि हर पार्टी को लोकतंत्र में अपना फैसला लेने का हक है. उन्होंने दावा किया कि महायुति ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीते हैं और अब स्थानीय चुनाव भी भगवा झंडे के साथ ही जीतेंगे.
वहीं, कांग्रेस नेता भाई जगताप के बयान पर शिवसेना (UBT) भी नाराज है. पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि गठबंधन का फैसला दिल्ली के नेता करते हैं और अगर चुनौती दी गई तो शिवसेना दिखा देगी कि वो क्या कर सकती है.
राज ठाकरे को MVA में शामिल करने की अटकलों ने विपक्षी गठबंधन में दरार पैदा कर दी है. कांग्रेस की अलग राह और सपा की दूरी से साफ है कि BMC चुनाव में तालमेल की चुनौती बड़ी हो गई है. अब देखना होगा कि ये राजनीतिक उलझन किस मोड़ पर जाकर सुलझती है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Divya Mittal With Raja Bhaiya: एक वायरल पोस्ट में IAS दिव्या मित्तल प्रतापगढ़ के बाहुबली…
Captain Smit Machhar: फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने…
Yuzvendra Chahal Retirement: टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट…
Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमेनिस्तान की महिला की याचिका खारिज करते हुए…
Pushpamitra Book Review: 'गांधी का सैंतालीस' केवल इतिहास का रोजनामा नहीं, बल्कि बंटवारे की त्रासदी…
Premanand Maharaj Disciple Death: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी…