Amit Shah On Caste Census
Amit Shah On Caste Census: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और परिसीमन पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को उनका अधिकार देने की दिशा में एक अहम कदम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कई सदस्यों ने यह सवाल उठाया कि परिसीमन अभी क्यों लाया जा रहा है, लेकिन अधिनियम में पहले से ही प्रावधान है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के आधार पर जब परिसीमन होगा, तब महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा.
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग पूछ रहे हैं कि बिल लाते समय परिसीमन का उल्लेख क्यों किया गया, जबकि यह कोई नया प्रावधान नहीं है. उन्होंने याद दिलाया कि 1971 में इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान सीटों के परिसीमन को फ्रीज किया गया था. अब जब उसी फ्रीज की गई सीटों को आगे बढ़ाया जा रहा है, तभी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा, इसलिए इस मुद्दे को शामिल किया गया है.
उन्होंने कहा कि 1976 में इस देश की आबादी 56.79 करोड़ थी, और आज 140 करोड़ है. 56.79 करोड़ की आबादी में जितने सांसद थे, उतने ही 140 करोड़ की आबादी में भी रखना, ये इनका (विपक्ष) मानना है. कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि जनगणना समय पर क्यों नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा,
सबको मालूम है कि 2021 में जनगणना होनी थी और 2021 में ही इस सदी की सबसे बड़ी महामारी, कोविड का संकट आया, जिसके कारण जनगणना संभव नहीं हो पाई. कोविड संकट समाप्त होने के बाद देश को इससे उभरने में काफी समय लगा. जब 2024 में जनगणना की शुरुआत हुई, तब कुछ दलों ने उचित ही मांग की कि जाति के आधार पर जनगणना करनी चाहिए. सरकार ने अनेक दलों, जाति समूहों, राज्य सरकारों और कई सामाजिक समूहों के साथ चर्चा की और निर्णय किया कि हम जाति जनगणना कराएंगे और इस निर्णय के बाद अब जनगणना हो रही है.
गृह मंत्री ने कहा कि मैं 140 करोड़ जनता को स्पष्ट करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का जो निर्णय लिया है, वह कैबिनेट प्रस्ताव में 2026 की जनगणना को जाति के साथ कराने का निर्णय है. हम जब शपथ लेते हैं तो मन से लेते हैं. जो संविधान हाथ में लेकर शपथ लिए हैं, वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाह रहे हैं. यह हम नहीं होने देंगे.
अमित शाह ने कहा कि कहा जा रहा है कि दक्षिण के साथ अन्याय होगा, लेकिन दक्षिण बनाम उत्तर का नैरेटिव नहीं होना चाहिए. मैं स्पष्ट कर देता हूं कि दक्षिण के राज्यों का इस सदन पर उतना ही अधिकार है, जितना उत्तर के राज्यों का है. इस देश को उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से अलग नहीं करना चाहिए.
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उन्होंने कहा कि जब से यह बिल आया है, तब से विपक्ष ने भ्रांतियां फैलाना शुरू की हैं कि जाति जनगणना को टालने के लिए सरकार संविधान संशोधन लेकर आई है. मैं बताना चाहता हूं कि तीन माह पहले ही हम जाति जनगणना का पूरा टाइम टेबल घोषित कर चुके हैं. अब टालने का सवाल ही नहीं है. जाति जनगणना शुरू हो चुकी है, उसका पहला चरण चल रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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