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छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, 30 नक्सली ढेर, 2025 में अब तक 119 नक्सली मारे गए

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. बीजापुर और कांकेर में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 30 नक्सलियों को मार गिराया गया. इन अभियानों में 600 जवान शामिल थे.

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजापुर के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया, जिसमें 26 नक्सलियों के शव बरामद किए गए. इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के एक जवान राजू ओयाम शहीद हो गए. राजू ओयाम पहले माओवादी संगठन से जुड़े थे, लेकिन 2020 में उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. बीते पांच वर्षों में वे कई सफल नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा रहे और अब मातृभूमि के लिए बलिदान दे दिया.

2025 में अब तक 119 नक्सली ढेर

इस वर्ष अब तक 10 मुठभेड़ों में 119 नक्सली मारे जा चुके हैं. वहीं, 2024 में 239 नक्सली मारे गए थे. डबल इंजन सरकार के तहत बीते 14 महीनों में कुल 358 नक्सलियों को खत्म किया गया है.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में बताया कि गंगालूर में 26 और कांकेर-नारायणपुर क्षेत्र में 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के लगातार सफल अभियानों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. 25 वर्षों से बंद गारपा का साप्ताहिक बाजार फिर से शुरू हो गया है. कोंडापल्ली में भी सेवाएं बहाल कर दी गई हैं.

उन्होंने आगे बताया कि 570 मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं, जिससे दूरसंचार सेवाएं बेहतर हो रही हैं. इसके अलावा सरकार ने नई सरेंडर नीति को मंजूरी दी है. यदि नक्सली सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो इनाम की राशि दोगुनी कर दी जाएगी.

शहीदों के सम्मान में नई योजना

विजय शर्मा ने घोषणा की कि शहीद जवानों के परिवारों की समस्याओं का समाधान आईजी रेंज स्तर पर किया जाएगा. इसके अलावा, ‘वीर बलिदानी योजना’ के तहत शहीदों की मूर्ति लगाने के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.

इसके साथ ही, एलवद पंचायत अभियान के तहत पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण करें. यदि कोई गांव नक्सल मुक्त घोषित होता है, तो वहां के विकास के लिए तुरंत 1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी.

राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की रफ्तार तेज हो गई है. लगातार हो रहे ऑपरेशनों से नक्सलियों के पैर उखड़ने लगे हैं. सरकार और सुरक्षाबलों की यह रणनीति नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है.


ये भी पढ़ें- टेरर फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर की जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने की खारिज


-भारत एक्सप्रेस

प्रियंका कौशल

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