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Rajasthan News: अलवर में सरकारी इलाज पर टूटता हुआ भरोसा, बुखार के मरीजों को कैंसर की दवा

Rajasthan News: अलवर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जो आम लोगों के भरोसे को झकझोर देती है. लोग कहते हैं कि डॉक्टर (Doctor) भगवान (Doctor) का दूसरा रूप होते हैं, लेकिन यहां कुछ डॉक्टरों (Doctor) ने ऐसा काम किया है जिसे जानकर किसी का भी माथा ठनक (Forehead Thump) जाएगा.

मामला क्या है?

राज्य सरकार की ‘राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम’ (RGHS) के तहत लोग मुफ्त इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जाते हैं. लेकिन अलवर के अस्पताल (Hospital) में कुछ मरीज मामूली बीमारियों जैसे सर्दी (Cold), जुकाम (Cough), बुखार (Fever) और सिर दर्द (Headache) की शिकायत लेकर पहुंचे थे. मरीजों को उम्मीद थी कि उन्हें सामान्य दवाएं मिलेंगी, लेकिन उन्हें गंभीर बीमारियों (Diseases) जैसे कैंसर (Cancer,), हार्ट डिजीज और किडनी फेल्योर की महंगी दवाएं लिख दी गईं.

हद की हद!

कुछ गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को तो डॉक्टर (Doctor) ने बांझपन (Infertility) दूर करने वाली दवा दे दी. जब लोगों ने सवाल उठाया तो पता चला कि ये सब सिर्फ दवाओं पर मिलने वाले कमीशन के लिए किया जा रहा था.

कमीशनखोरी का पर्दाफाश

सूत्रों के मुताबिक इस घोटाले (Scams) में सरकारी डॉक्टरों (Government Doctors) के साथ मेडिकल स्टोर (Medical Store) मालिक और लैब संचालक (Lab Operator) भी शामिल हैं. इन सबने मिलकर योजना का गलत इस्तेमाल किया और मरीजों (Patients) को परेशान किया. सरकारी रिकॉर्ड (Government Records) में भी इस गड़बड़ी के प्रमाण मिले हैं.

सरकार की प्रतिक्रिया

इस मामले में शामिल डॉक्टरों (Doctor) को नोटिस जारी कर दिया गया है और जांच शुरू हो चुकी है. लोगों को उम्मीद है कि दोषियों (Convicts) को सख्त सजा (Strict punishment) मिलेगी और भविष्य (Future) में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

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ये घटना बताती है कि जहां कुछ लोग सेवा के लिए काम करते हैं, वहीं कुछ अपने फायदे के लिए सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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