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COVID की वापसी! देश में एक बार फिर बढ़ने लगे संक्रमण के मामले, जानिए किन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा केसेस

देश में कोविड-19 संक्रमण एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। महीनों की शांति के बाद अब कोरोना के मामलों में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 2,710 हो गई है। इसमें केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्य सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है, हालांकि मंत्रालय का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

किन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा केसेस

30 मई की सुबह 8 बजे तक मिले आंकड़ों के अनुसार, केरल में 1,147 केस, महाराष्ट्र में 424 केस, दिल्ली में 294 केस, गुजरात में 223 केस, कर्नाटक और तमिलनाडु में 148-148 केस, पश्चिम बंगाल में 116 केस, राजस्थान में 51 केस, उत्तर प्रदेश में 42 केस और पुडुचेरी में 35 केस.

24 घंटे में कोरोने से हुई 7 मौतें

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 77 नए मरीज मिले, और 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई. अन्य राज्यों में भी मामले बढ़ रहे हैं. कुल मिलाकर पिछले एक दिन में 7 मौतें हुईं, जिससे 2024 में मरने वालों का आंकड़ा 22 हो चुका है.

पांच गुना उछाल और संभावित कारण

पिछले सप्ताह (25 मई तक) में कोविड मामलों में पांच गुना उछाल दर्ज किया गया, जो चिंता का संकेत है. विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन के दो नए सब-वेरिएंट — LF.7 और NB.1.8.1 इस उछाल के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. हालांकि WHO ने इन्हें अभी तक ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ नहीं घोषित किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ज्यादातर केस हल्के लक्षणों वाले हैं, जिनमें सामान्य फ्लू जैसे लक्षण शामिल हैं — बुखार, गले में खराश, थकान, नाक बहना और सिरदर्द.

राज्य सरकारों की तैयारी

कई राज्यों ने अस्पतालों को अलर्ट किया है और उन्हें बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन स्टॉक में रखने के निर्देश दिए गए हैं. बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है.

विशेषज्ञों की सलाह

कोरोना वायरस फिर से सिर उठा रहा है लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं. नई लहर को रोकने के लिए लोगों को चाहिए कि वे सावधानी बरतें, लक्षण दिखने पर टेस्ट कराएं और भीड़-भाड़ से बचें. विशेषज्ञों की सलाह है कि पैनिक की बजाय प्रोटोकॉल का पालन करें और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस पर भरोसा रखें.

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

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