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Cyclone Threat: : बंगाल की खाड़ी में मौसम के तेजी से बदलते मिजाज ने तटीय राज्यों की चिंता बढ़ा दी है. खाड़ी में एक गहरा दबाव (Deep Depression) का क्षेत्र निर्मित हो चुका है, जिसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका जताई जा रही है. यदि यह मौसमी तंत्र चक्रवात का रूप लेता है, तो इसे ‘अर्नब’ नाम दिया जाएगा. इस संभावित चक्रवातीय खतरे को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं. कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित करने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है.
बंगाल की खाड़ी में उपजे इस गहरे दबाव के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. यद्यपि यह तंत्र पूरी तरह चक्रवात में तब्दील होगा या नहीं, यह जल्द स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन दोनों राज्यों की सरकारों ने अत्यधिक भारी बारिश और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर लिए हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम उत्तरी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और दक्षिणी ओडिशा के गोपालपुर के बीच से होकर गुजरेगा. हालांकि, चक्रवात बनने को लेकर अभी मौसम विभाग की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश और 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
संभावित खतरे के सबसे ज्यादा असर की आशंका ओडिशा में है. सुरक्षा के मद्देनजर राज्य के कम से कम 7 संवेदनशील जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है और सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. गंजम सहित कई जिलों में शेल्टर होम और साइक्लोन सेंटर्स तैयार किए गए हैं. मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि इस मौसमी प्रणाली के कारण मुख्य रूप से मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है, जिससे निपटने के लिए सभी आवश्यक उपकरण और मशीनरी तैनात कर दी गई है.
मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के कई जिलों के लिए 23 से 25 सितंबर तक ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. गजपति, गंजाम, कोरापुट, कालाहांडी, नबरंगपुर और मलकानगिरी में अत्यंत भारी वर्षा का अंदेशा जताया गया है. उधर, आंध्र प्रदेश सरकार ने भी तटीय क्षेत्रों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए हैं और आपदा प्रतिक्रिया दलों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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