रिपोर्ट- अभिषेक पांडे
महाराष्ट्र के धुले तालुका में उमेद अभियान के तहत महिला बचत गटों को दी गई मशीनों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. खराब गुणवत्ता की मशीनें मिलने और उनके काम करना बंद कर देने से नाराज बचत गट की महिलाओं ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. महिलाओं ने टूटी और खराब हो चुकी मशीनों को ही विरोध स्थल पर लाकर अपना बिऱ्हाड आंदोलन शुरू कर दिया है.
महिलाओं का आरोप है कि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर देने के नाम पर जो मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं, वे कुछ समय बाद ही खराब हो गईं. इससे बचत गट से जुड़ी महिलाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. उनका कहना है कि मशीनों की खरीद और वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
जेल रोड पर शुरू किए गए इस आंदोलन को तीन दिन हो चुके हैं. महिलाओं का कहना है कि लगातार विरोध के बावजूद अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी समस्या सुनने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा है. इसे लेकर आंदोलनकारी महिलाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलन में शामिल भारती माली ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर महिलाओं के लिए सरकार की योजनाएं वास्तव में उन्हें मजबूत बनाने के लिए हैं, तो उनकी समस्याओं को सुनने के लिए अधिकारी मौके पर क्यों नहीं आ रहे हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘प्यारी बहन’ जैसी योजनाएं सिर्फ नाम तक ही सीमित रह गई हैं?
राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से उमेद सह मानव विकास अभियान के माध्यम से धुले तालुका में महिला बचत गटों को अलग-अलग तरह की मशीनें वितरित की गई थीं. इन मशीनों के जरिए महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम और रोजगार मिलने की उम्मीद थी.
हालांकि, आंदोलनकारी महिलाओं के मुताबिक कई मशीनें अब खराब हो चुकी हैं और उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. मशीनों के खराब होने के कारण जिन महिलाओं ने इनसे काम शुरू करने की उम्मीद लगाई थी, उन्हें आर्थिक नुकसान और रोजगार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
महिलाओं का कहना है कि अगर सरकारी योजना के तहत दी गई मशीनें टिकाऊ नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उनका यह भी आरोप है कि घटिया गुणवत्ता की मशीनों के वितरण के पीछे जिन लोगों की भूमिका रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है.
आंदोलनकारी महिलाओं ने प्रशासन को अब दो दिन का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि अगर इस अवधि में कथित भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और उनकी शिकायतों पर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे 15 अगस्त को सामूहिक आत्मदाह जैसा बेहद गंभीर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी.
महिलाओं की इस चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने अब आंदोलन को गंभीरता से लेने और मामले की जांच करने की चुनौती है. फिलहाल आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में बचत गट की महिलाएं मौजूद हैं और अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखे हुए हैं.
इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता बापू बागुल, भारती माली, विमलबाई पाटील, रेखाबाई पाटील, निर्मला पाटील, सरला माली और संगीता पाटील सहित बड़ी संख्या में महिला बचत गट सदस्य शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: सीएम शुभेंदु अधिकारी के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बची जान; देखें वीडियो
-भारत एक्सप्रेस
पारंपरिक फसलों से हटकर किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बिहार सरकार ने बांस ('ग्रीन…
Chicago Hindu Temple Attack Plot: अमेरिका के इलिनोइस में एक 19 वर्षीय युवक को हिंदू…
Genetic Engineering Course: साइंस के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. IISc बैंगलोर ने 'एडवांसेस…
Pm modi: नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने मां स्कंदमाता को नमन करते…
Maharashtra Earthquake: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 15 अक्टूबर 2026 की सुबह 2.9 तीव्रता का…
बिग बॉस 20 से बाहर आते ही सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नकुल ढुल (मीठू डॉन) ने…