Damoh Kinnar Jihad: मध्य प्रदेश में इन दिनों ‘लव जिहाद’ के मामलों के बीच अब ‘किन्नर जिहाद’ का मुद्दा तेजी से गरमाता जा रहा है. सागर में किन्नरों के जबरन धर्मांतरण और हंगामे के बाद, अब मजहबी नफरत की यह आग दमोह जिले तक पहुंच गई है. दमोह में मुस्लिम युवकों पर किन्नरों को मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने, उनके साथ मारपीट करने और किडनैपिंग जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. रविवार की शाम से शुरू हुआ यह बवाल पूरी रात जारी रहा और किन्नरों ने दमोह पुलिस कोतवाली में डेरा जमाए रखा.
इस पूरे विवाद की शुरुआत शनिवार रात को हुई. दमोह की रहने वाली किन्नर ‘खुशी’ ने कुछ लोगों के साथ थाने आकर शिकायत दर्ज कराई कि किन्नरों की मुखिया गुड़िया नायक ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की है. पुलिस ने इस शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया.
लेकिन, असली हंगामा रविवार को तब शुरू हुआ जब बड़ी संख्या में किन्नर दमोह पहुंच गए और मुखिया के खिलाफ दर्ज इस मुकदमे को झूठा और साजिश का हिस्सा करार दिया. अपनी बात मनवाने के लिए ये किन्नर सीधे दमोह के SP के बंगले में जा घुसे, जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों को वहां दौड़ लगानी पड़ी.
एसपी ऑफिस में बातचीत चल ही रही थी कि शाम ढलते-ढलते इस केस में सबसे बड़ा और खौफनाक ट्विस्ट आ गया. मुखिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली ‘खुशी’ किन्नर खुद सामने आई और उसने अपनी आपबीती सुनाई तो सबके रोंगटे खड़े हो गए.
खुशी ने अपने साथी किन्नरों को बताया कि उसे जबरन एक किन्नर और कुछ मुस्लिम युवकों ने किडनैप किया था. उसे बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया और जान से मारने की धमकी देकर मुखिया गुड़िया नायक के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई गई. खुशी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद भी आरोपियों ने उसे रात भर यातनाएं दीं और रविवार दिन भर प्रताड़ित करते रहे. किसी तरह चंगुल से छूटकर वह पुलिस के पास पहुंची थी.
खुशी के शरीर पर चोट के निशान देखकर किन्नरों का गुस्सा भड़क उठा. प्रदेश के किन्नरों की मुखिया ‘जगत मां’ के नेतृत्व में सभी किन्नर फिर से थाना कोतवाली पहुंचे. उनकी मांग थी कि गुड़िया नायक पर दर्ज झूठा मुकदमा तुरंत खारिज किया जाए और असली दोषियों (अपहरणकर्ताओं) पर सख्त कार्रवाई हो.
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पुलिस समझाती रही कि मुकदमा अब कोर्ट से ही खारिज होगा, लेकिन किन्नर मानने को तैयार नहीं थे. उन्होंने पूरी रात थाने में धरना दिया. सोमवार सुबह सीएसपी (CSP) की लंबी समझाइश के बाद आखिरकार धरना खत्म हुआ. गंभीर रूप से घायल खुशी किन्नर को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.
किन्नरों ने पुलिस को उन मुस्लिम युवकों के नाम भी सौंप दिए हैं, जो कथित तौर पर इस ‘किन्नर जिहाद’ को अंजाम दे रहे हैं. उनका आरोप है कि सागर से शुरू हुआ धर्मांतरण का यह खेल अब दमोह पहुंच गया है, जहां हिंदू धर्म मानने वाले किन्नरों को डरा-धमका कर उनका मजहब बदला जा रहा है. यह घटना समाज के उस वर्ग के लिए एक गहरी चिंता का विषय है, जिसका पारंपरिक रूप से किसी धर्म या जाति की कट्टरता से कोई सीधा लेना-देना नहीं रहा है.
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