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सूरत में फूटा ‘पॉलिटिकल हवाला’ बम! मुश्किलों में घिरी AAP, चुनाव से पहले बड़ा बवाल

Surat Election Hawala Scandal: गुजरात निकाय चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले सूरत में ‘पॉलिटिकल हवाला’ का सबसे बड़ा खेल पकड़ा गया है. दिल्ली से सूरत तक आंगड़िया पेढ़ी के जरिए भेजे गए करोड़ों रुपये के खेल में ‘आम आदमी पार्टी’ के करीबियों का नाम आने से सियासी हड़कंप मचा है.

Surat Election Hawala Scandal

AI Photo

Surat Election Hawala Scandal: गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले एक ऐसी ‘पॉलिटिकल हवाला’ की खबर सामने आई है, जिसने राज्य से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है. चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रही आम आदमी पार्टी (AAP) अब नई मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है. सूरत क्राइम ब्रांच और उमरा पुलिस ने एक बहुत बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके जरिए पिछले 4 महीनों में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का ‘काला धन’ (Black Money) दिल्ली से सूरत पहुंचाया गया.

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरी रकम का इस्तेमाल निकाय चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जाना था और इस नेटवर्क के तार सीधे तौर पर ‘AAP’ के करीबियों से जुड़े हुए हैं. आइये जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली से सूरत पहुंचा 1.2 करोड़ का कैश (Delhi Surat hawala connection)

डीसीपी (क्राइम) भावेश रोजिया के मुताबिक, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि चुनाव के दौरान धन-बल का भारी इस्तेमाल किया जाने वाला है. जांच में सामने आया कि दिल्ली से सूरत के पिपलोद इलाके में पिछले 4 महीनों से लगातार ‘आंगड़िया पेढ़ी’ (Angadia System – एक पारंपरिक हवाला और कूरियर नेटवर्क) के जरिए पैसे भेजे जा रहे थे.

पुलिस का दावा है कि दिल्ली के कारोबारी हिमांशु पाहुजा ने करीब 1.2 करोड़ रुपये सूरत भेजे थे. इस रकम को रिसीव करने वाले व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता ‘आकाश मिश्रा’ और ‘अजय तिवारी’ बताए जा रहे हैं.

कौन हैं पुलिस के रडार पर? (Surat Crime Branch investigation)

हिमांशु पाहुजा: पुलिस के मुताबिक, यह दिल्ली के जनकपुरी का रहने वाला कारोबारी है और AAP नेता सुरेंद्र भारद्वाज का बेहद करीबी माना जाता है. पहले यह कांग्रेस में एक्टिव था, लेकिन अब ‘आप’ से इसके गहरे संबंध बताए जा रहे हैं. क्राइम ब्रांच ने इससे लंबी पूछताछ की है.

आकाश मिश्रा: पुलिस का सबसे बड़ा दावा आकाश मिश्रा को लेकर है. उसे दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन का पूर्व पीए बताया जा रहा है. आरोप है कि वह पिपलोद में रहकर हवाला का यह फंड रिसीव करता था.

अजय तिवारी: यह आकाश का करीबी सहयोगी है जो सूरत में इस अवैध फंड के बंटवारे और प्रबंधन का काम देखता था.

अब इनकम टैक्स (IT) की होगी एंट्री

सूरत क्राइम ब्रांच सिर्फ मौखिक दावों पर नहीं, बल्कि डिजिटल सबूतों पर काम कर रही है. पुलिस ने स्थानीय आंगड़िया फर्म से कुछ बेहद अहम सीसीटीवी (CCTV) फुटेज हासिल किए हैं, जिनमें कुछ लोग भारी मात्रा में कैश गिनते हुए नजर आ रहे हैं. दिल्ली से भी ऐसे फुटेज मिले हैं जिनसे संदिग्धों की गतिविधियों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब ‘आयकर विभाग’ को भी इस मामले की सूचना दे दी है, ताकि वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा सके.

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सफेदपोश चेहरों से नकाब उठेगा (Surat hawala scandal 2026)

चुनाव प्रचार, कार्यकर्ताओं को साधने और रातों-रात चुनाव की हवा बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाले इस ‘काले धन’ के खुलासे ने सूरत के चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है. हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक पुलिस के इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. क्राइम ब्रांच का कहना है कि 10 अन्य आंगड़िया कारोबारी और नेता उनके रडार पर हैं. आने वाले दिनों में जब इनकम टैक्स का शिकंजा कसेगा, तो इस ‘पॉलिटिकल हवाला’ में कई और बड़े सफेदपोश चेहरों से नकाब उठने की पूरी संभावना है.



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