पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल.
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कहा कि दिल्ली की स्वास्थ्य योजनाएं केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से बेहतर हैं. सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका पर दायर अपने जवाब में कहा कि आयुष्मान भारत की चिकित्सा बीमा योजना को इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि इससे दिल्ली में मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं को नुकसान पहुंचेगा, जो निवासियों को बेहतर लाभ प्रदान करती हैं.
दिल्ली के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक हलफनामे में कहा कि केंद्र की योजना को लागू करने से शहर के मौजूदा स्वास्थ्य प्रावधानों में गिरावट आएगी. उन्होंने यह जवाब दिल्ली में केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों द्वारा दायर याचिका पर दिया है.
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों की यह याचिका दिल्ली में आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर दायर की गई है. यह एक राजनीतिक रूप से प्रेरित याचिका से अधिक कुछ नहीं है. हलफनामे में कहा गया है याचिकाकर्ता राजनीतिक व्यक्ति हैं जो दिल्ली में मुख्य विपक्षी दल से संबंधित हैं. उक्त राजनीतिक दल दिल्ली पर अपनी इच्छाएं थोपने का प्रयास कर रहा है, जबकि वे पिछले विधान सभा चुनाव में केवल 10 प्रतिशत सीटें ही जीत पाए थे.
उन्होंने कहा कि याचिका में केंद्र सरकार की योजना की अत्यधिक प्रशंसा की गई है. उन्होंने आगे कहा कि राजधानी में मौजूदा योजनाओं को केंद्र की योजना से बदलने से दिल्ली के निवासियों को नुकसान होगा. मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नीति निर्माण की जिम्मेदारी पूरी तरह से दिल्ली सरकार के पास है, उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक सुस्थापित कानूनी सिद्धांत है कि अदालतें नीति निर्माण प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेंगी.
हलफनामे में कहा गया है कि भारत में संघीय ढांचे में प्रत्येक राजनीतिक इकाई के लिए केंद्र सरकार की नीति का पालन करना अनिवार्य नहीं है, खासकर जब योजनाएं और नीतियां पहले से ही चल रही हों और काम कर रही हों.
दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करने के लिए केंद्र की आलोचना की है. इसे पुराना और अप्रचलित बताते हुए, उन्होंने तर्क दिया कि यह योजना चल रहे परिवर्तनों को ध्यान में रखने में विफल रही है. हलफनामे में कहा गया है केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई योजना में कई सीमित कारक हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की योजना कई लोगों को योजना के तहत लाभ के लिए अयोग्य बना देगी, जबकि उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा मुफ्त चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं. हलफनामे में कहा गया है कोई भी योजना जो पुराने आंकड़ों पर आधारित है, उसे किसी भी अन्य सरकार या लोगों पर थोपा नहीं जा सकता है.
आप सरकार के जवाब में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि दिल्ली सरकार में केंद्रीय योजना को लागू करने का इरादा नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्रीय योजना को राज्य सरकार की पहलों को बदलने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया था.
-भारत एक्सप्रेस
वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…
DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…
उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…
चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और वोटर लिस्ट के स्पेशल गहन रिवीजन यानी…
गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जम्मू-कश्मीर से 150 अवैध बांग्लादेशी…