दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा 2023 के लिए मौखिक परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की नई सूची जारी करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया. यह याचिका शोभन बाली नामक अभ्यर्थी ने दायर की थी. न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शालिंडर कौर ने मुख्य परीक्षा के घोषित परिणाम में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता बाली यह साबित नहीं कर सके कि उत्तर-कुंजी में दिए गए उत्तर के अलावा कोई और उत्तर अधिक उपयुक्त हो सकता था. इसके बावजूद, कोर्ट ने माना कि बाली ने एकमात्र उम्मीदवार के तौर पर विवादित प्रश्नों को चुनौती दी थी.
लेकिन फिर भी कोर्ट ने कहा कि उनके उत्तर से परिणाम पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा. कोर्ट ने यह भी बताया कि 21 मार्च 2024 को अंतिम संशोधित परिणाम के अनुसार कुल 698 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना गया है, जिसमें से 153 उम्मीदवारों को मौखिक परीक्षा के लिए बुलाया गया है.
कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता मौखिक परीक्षा के लिए निर्धारित कटऑफ से चार अंक पीछे हैं, और उन्होंने मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए चयनित उम्मीदवारों की बढ़ी हुई संख्या पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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