देश

करोड़ों का ‘डिजिटल डाका’: निवेश के नाम पर हजारों को लूटने वाला ठग गिरफ्तार, 4215 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा

डिजिटल निवेश के नाम पर हजारों लोगों की मेहनत की कमाई डकारने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तेलंगाना पुलिस ने आखिरकार मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार को दबोच लिया है.

हजारों निर्दोष निवेशकों को बनाया ठगी का शिकार

दरअसल, फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे अमरदीप पर आरोप है कि उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत हजारों निर्दोष निवेशकों को अपनी ठगी का शिकार बनाया. सीआईडी की अतिरिक्त महानिदेशक चारू सिन्हा ने मंगलवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को सोमवार को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह ईरान से लौटकर मुंबई हवाई अड्डे पहुंचा था.

पगकड़ने के लिए जारी हुआ था लुकआउट सर्कुलर

इस पूरे घोटाले की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. जब इस घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुई थीं, तब अमरदीप सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई भाग गया था. उसकी तलाश में सीआईडी ने काफी पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था ताकि वह देश के किसी भी हिस्से में कदम रखते ही पकड़ा जा सके.

अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा गोरखधंधा ‘कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी के जरिए चलाया जा रहा था, जो फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर रही थी. इस कंपनी के माध्यम से बिना किसी कानूनी अनुमति के लोगों से भारी मात्रा में जमा राशि वसूली गई और उनके साथ विश्वासघात किया गया.

फर्जी वेबसाइट्स और मोबाइल एप्लिकेशन

आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए आधुनिक तकनीक और फर्जीवाड़े का सहारा लिया. उन्होंने कई फर्जी वेबसाइट्स और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए जो देखने में बिल्कुल असली लगते थे. इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर जाली इनवॉइस डिस्काउंटिंग सौदे दिखाए जाते थे. निवेशकों को यह झांसा दिया गया कि अगर वे कम समय के लिए अपना पैसा निवेश करते हैं, तो उन्हें बहुत ऊंचा रिटर्न मिलेगा. इसी लालच में आकर आम जनता इनके जाल में फंसती चली गई.

792 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी

सीआईडी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह घोटाला बेहद बड़े पैमाने पर फैला हुआ था. कंपनी ने कुल मिलाकर 7,056 जमाकर्ताओं से लगभग 4,215 करोड़ रुपये जुटाए थे. गहन जांच के बाद यह पाया गया कि इनमें से 4,065 लोग सीधे तौर पर 792 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं.

जब पीड़ितों को अपने साथ हुए इस धोखे का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. इसके बाद साइबराबाद के ईओडब्ल्यू पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और तेलंगाना वित्तीय संस्थान जमाकर्ता संरक्षण अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए.

43 करोड़ रुपये की संपत्तियों की हुई पहचान

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक इस रैकेट में शामिल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कंपनी के निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है. पुलिस केवल गिरफ्तारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ठगे गए पैसों की वसूली की दिशा में भी काम कर रही है.

अब तक लगभग 43 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इन संपत्तियों में 12 प्लॉट, चार आलीशान कारें, भारी मात्रा में नकद और सोना, साथ ही करोड़ों रुपये के शेयर और बैंक बैलेंस शामिल हैं. फिलहाल अमरदीप को हैदराबाद लाया जा रहा है जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी.

ये भी पढ़ें: तुर्कमान गेट पर आधी रात बुलडोजर कार्रवाई, तनाव का माहौल, छोड़े गए आसू गैस के गोले

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

लड़कों संग क्रिकेट से लॉर्ड्स में धमाल: जानिए छोटे से आदिवासी गांव की लड़की क्रांति गौड़ की प्रेरक कहानी

Cricket News: छतरपुर के छोटे से आदिवासी गांव से निकली क्रांति गौड़ ने संघर्ष को…

4 minutes ago

गणेशोत्सव को विश्व धरोहर बनाने की बड़ी तैयारी: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लॉन्च किया ‘bappa.org’

महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने के लिए…

18 minutes ago

हर घर में गूंजती है जिनकी आरती: जानिए कौन थे ‘ओम जय जगदीश हरे’ के अमर रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी

Hindi Literature: विश्व प्रसिद्ध आरती 'ओम जय जगदीश हरे' के रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी न…

29 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट ने मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल पुलिस की तत्काल सुनवाई ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत को चुनौती देने…

42 minutes ago