देश

स्कूल में भरभराकर गिरी जर्जर कमरे की छत, 120 बच्चों की बची जान; पहले ही बंद था कमरा

Dungarpur School Roof Collapse: डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब लंबे समय से बंद पड़े एक जर्जर कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के वक्त स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे. तेज आवाज के साथ छत गिरने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे व शिक्षक कक्षाओं से बाहर निकल आए. गनीमत रही कि जिस कमरे की छत गिरी, उसे स्कूल प्रबंधन ने करीब एक साल पहले ही असुरक्षित घोषित कर बंद कर दिया था. इसलिए हादसे के समय कमरे के अंदर कोई छात्र या शिक्षक मौजूद नहीं था. घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

तेज आवाज से मची अफरा-तफरी

बताया गया कि स्कूल में सामान्य रूप से पढ़ाई चल रही थी. इसी दौरान अचानक जर्जर कमरे की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया. छत गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल में मौजूद छात्र और शिक्षक घबरा गए. कुछ ही देर में सभी लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए. इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने पूरे परिसर का जायजा लिया और अधिकारियों को घटना की जानकारी दी.

स्कूल में दो कमरे जर्जर हालत में

जानकारी के मुताबिक विद्यालय में कुल 10 कमरे हैं, जिनमें से दो कमरे जर्जर हालत में बताए जा रहे हैं. इनमें से जिस कमरे की छत गिरी, उसे पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया गया था. घटना के बाद एक बार फिर सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं. अभिभावकों और ग्रामीणों के लिए भी जर्जर भवन चिंता का विषय बने हुए हैं.

अधिकारियों ने लिया मौके का जायजा

छत गिरने की सूचना मिलने के बाद पीईईओ पंकज वर्मा और सीबीईओ दीपक शाह मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने स्कूल भवन और क्षतिग्रस्त कमरे का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली. अधिकारियों के अनुसार, जर्जर कमरों की मरम्मत और नई छत के निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले ही भेजे जा चुके हैं. मंजूरी मिलने के बाद मरम्मत का काम कराया जाएगा.

यह भी पढ़ें: अंबेडकर प्रतिमा को लेकर 13 घंटे बवाल, पुलिस पर पथराव; 32 नामजद समेत कई पर FIR

समय रहते बंद किया कमरा, इसलिए टला बड़ा हादसा

स्कूल में हुए इस हादसे ने जर्जर सरकारी भवनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि, समय रहते असुरक्षित कमरे को बंद किए जाने के कारण किसी बच्चे या शिक्षक की जान जोखिम में नहीं पड़ी. स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने भी भवन की स्थिति को लेकर चिंता जताई है. अब प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और जर्जर कमरों की मरम्मत का इंतजार है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

Recent Posts

तमिलनाडु में आधी रात बड़ा जेल ब्रेक! 17 कैदी फरार, तलाश में उतरीं 17 टीमें

Tamil Nadu Jail Break news: तमिलनाडु के थेनी जिले में जेल से 17 कैदियों के…

15 minutes ago

Jio प्लेटफॉर्म्स IPO का अलॉटमेंट फाइनल: ग्रे मार्केट में तगड़ा उछाल, लिस्टिंग पर मालामाल होंगे निवेशक

निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी! जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल…

41 minutes ago

सोना ₹1,457 महंगा, चांदी स्थिर; जानें 22 और 24 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव

Gold Silver Rate Today 27 October: 27 अक्टूबर को सर्राफा बाजार में सोने की कीमत…

50 minutes ago

MLC Election Result: यूपी-बिहार समेत 4 राज्यों के नतीजे आज, जानें किसके सिर सजेगा ताज?

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव परिणामों…

1 hour ago

Vijay-Rashmika की टीम पहुंची साइबर क्राइम! सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और छेड़छाड़ वाले स्क्रीनशॉट का आरोप

Vijay Rashmika Fake Social Media Posts: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की ‘विरोश’ टीम ने…

1 hour ago

Bigg Boss 20: लव गिल और स्काउट के बीच बढ़ी दूरियां, रो-रोकर हुआ बुरा हाल; बोलीं- ‘मैं अंदर से मर गई हूं’

'बिग बॉस 20' के घर में ड्रामा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. वीकेंड…

1 hour ago