देश

ब्राज़ील से लेकर थाईलैंड तक हिट है इथेनॉल, तो भारत में क्यों मचा है बबाल?

उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत में इथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर इस समय भारी बबाल (E20 Ethanol Fuel India) मचा हुआ है. सोशल मीडिया पर आए दिन E-20 मिक्स पेट्रोल के इस्तेमाल के चलते व्हीकल के खराब होने के वीडियो आ रहे हैं. लोग सरकार को इथेनॉल पॉलिसी को लेकर कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.

लेकिन इससे इतर अगर हम विदेशों की बात करें तो वहां धड़ल्ले से उसी एथेनॉल का चुपचाप इस्तेमाल हो रहा है. वाहन न कोई गाड़ी में खराबी के किसे आ रहे हैं और न ही कोई शोरशराबा इसस मुद्दे को लेकर दिख रहा है. आप जानकार हैरान होंगे कि ब्राजील तो 100 पर्सेन्ट तक इथेनॉल का इस्तेमाल कर रहा है, वहीं जापान जैसा देश भी इस अपने फ्यूचर का फ्यूल बता रहा है.

भारत के बाहर विदेशों में इथेनॉल का इस्तेमाल

बात करें विदेशों में इथेनॉल के इस्तेमाल कि तो इस मामले में सबसे आगे ब्राजील है, जहां 30% तक इथेनॉल को मिलाया जा रहा है और और वहां ऐसी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां भी आम हैं जो 100% शुद्ध इथेनॉल (E100) पर चलती हैं. इसके अलावा अमेरिका और यूरोपीय संघ के अधिकांश देशों में मानक के तौर पर 10% इथेनॉल (E10) मिलाया जाता है, जबकि थाईलैंड भी भारत जैसे ही तेजी से कदम बढ़ाते हुए 20% इथेनॉल (E20) के मिश्रण को अपना रहे हैं.

कैसे अलग है विदेश में यह पॉलिसी?

अगर हम इसके इस्तेमाल (E20 Ethanol Fuel India) को लेकर भारत का विदेशी पॉलिसी से तुलना करें तो इसमें कुछ अंतर जरूर देखा जा सकता है. जोकि एक प्रमुख कारण बनाता है कि क्यों भारत में इस मुद्दे को लेकर बबाल मैच रहा है और विदेश इथेनॉल को चुपचाप इस्तेमाल कर रहा है. आईए जानते हैं भारत और विदेश कि इथेनॉल पॉलिसी के बीच क्या है मुख्य अंतर:

1. तकनीक का अंतर: ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों ने पहले फ्लेक्स-फ्यूल इंजन और एथेनॉल-अनुकूल गाड़ियां तैयार कीं, जबकि भारत में गाड़ियों की तकनीक बदलने से पहले ही एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) तेजी से लागू कर दी गई.

2. पुरानी गाड़ियों पर असर: भारत में अप्रैल 2023 से पहले की करोड़ों पुरानी गाड़ियां (BS6 Phase 1 या पुरानी) एथेनॉल-प्रतिरोधी नहीं हैं. एथेनॉल हवा से नमी (पानी) सोखता है और स्वभाव से संक्षारक (Corrosive) होता है, जिससे पुरानी गाड़ियों की रबर पाइप, सील और इंजन के हिस्से जल्दी खराब होने का खतरा रहता है.

3. विदेशों में विकल्प: विदेशों में पुरानी गाड़ियों के लिए कम मिश्रण (जैसे E5 या E10) या बिना मिश्रण वाले पेट्रोल का विकल्प मिलता है, जबकि भारत के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर अब केवल E20 ईंधन ही उपलब्ध हो रहा है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

UP फतह के लिए BJP-RSS का मास्टरस्ट्रोक, 80 हजार बैठकों के पीछे क्या है प्लान?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…

9 minutes ago

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का बड़ा विजन, AI से बदलेगी वॉयस-डेटा सर्विस; 6G में दुनिया को लीड करने का दावा

India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…

21 minutes ago

रांची में चौक के नाम पर सियासी बवाल, BJP ने बदला नाम तो कांग्रेस ने रातों-रात उखाड़ा बोर्ड

रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…

35 minutes ago

हर महीने 9 तारीख को कांपेगा उत्तराखंड? बजेगा भूकंप का अलार्म, जानिए पूरा प्लान

उत्तराखंड में अब हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे भूकंप का सायरन…

58 minutes ago

शारदीय नवरात्रि के व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से बनाएं दूरी?

Navratri Vrat Rules: शारदीय नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक माता की पूजा-अर्चना और व्रत…

1 hour ago

‘तारीख पर तारीख’ से पाकिस्तान में टूटा सब्र, कोर्ट में ही वकील ने कर दिया बड़ा कांड

Pakistan Court Incident: पाकिस्तान के सिंध हाईकोर्ट की हैदराबाद सर्किट बेंच में 11 महीने से…

1 hour ago