पेट्रोल-इथेनॉल दोनों में लगाई आग: बीजेपी सांसद का अनोखा प्रयोग, ऐसे बताया E20 है सही!
E20 Petrol को लेकर जारी बहस के बीच बीजेपी सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने पेट्रोल और इथेनॉल जलाकर प्रयोग किया. जानिए E20 के फायदे, माइलेज पर असर और पुरानी कारों को लेकर चिंता.
एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों पर सरकार का बड़ा दांव या छिपी हुई सब्सिडी? संसद के खुलासे से मचा बवाल
E20 Petrol: E20 पेट्रोल पर चल रही बहस के बीच सरकार ने संसद में स्वीकार किया है कि फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ने पिछले एक साल में एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को लगभग 40 फीसदी घाटे पर 6.35 मिलियन टन चावल बेचा है. इस बिक्री में सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा और उत्तर प्रदेश की डिस्टीलरीज को मिला है.
ब्राज़ील से लेकर थाईलैंड तक हिट है इथेनॉल, तो भारत में क्यों मचा है बबाल?
भारत में E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों के बीच चिंता बढ़ रही है, जबकि ब्राजील, अमेरिका और कई अन्य देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों मॉडलों के बीच सबसे बड़ा अंतर वाहन तकनीक, पुरानी गाड़ियों की अनुकूलता और ईंधन विकल्पों का है.
E20 के बाद अब E25-E30 पेट्रोल की तैयारी? जानिए आपकी कार पर क्या होगा असर
E20 Petrol Disadvantages: भारत में E20 पेट्रोल के बाद अब E25 और E30 ईंधन लाने की चर्चाएं तेज हैं. हालांकि इससे प्रदूषण और आयात बिल घटेगा, लेकिन 2023 से पहले की गाड़ियों के इंजन, माइलेज में होने वाली कमी और परफॉर्मेंस कारों के लिए हाई-ऑक्टेन फ्यूल की उपलब्धता को लेकर ऑटो जगत में बड़ी बहस छिड़ गई है.
ईंधन की प्यास, गांवों में अकाल; क्या E20 एथेनॉल पॉलिसी देश को जल संकट की ओर धकेल रही है?
भारत की एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी (EBP) का लक्ष्य पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाकर तेल आयात घटाना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है.





