प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) मणिलाल पाटीदार की जमानत याचिका खारिज कर दी है. उन पर एक व्यापारी से रिश्वत मांगने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप हैं. लंबे समय तक फरार रहने के बाद पाटीदार अब जेल में हैं. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की अदालत में हुई.
यह मामला वर्ष 2020 का है. व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी, जो विस्फोटक सामग्री का वैध व्यवसाय करता था, उसकी 8 सितंबर 2020 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी ने एफआईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इंद्रकांत से हर महीने 6 लाख रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी. यह मांग कथित रूप से एसपी मणिलाल पाटीदार ने की थी. उनके साथ कुछ अन्य लोग भी इसमें शामिल थे. बताया गया कि इंद्रकांत यह रकम नहीं दे पाया, क्योंकि उसका व्यवसाय घाटे में था. इसके बाद उसे लगातार धमकियां मिलने लगीं.
परिवार का आरोप है कि इंद्रकांत को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई. यहां तक कि जेल में बंद कर हत्या करवाने की चेतावनी भी दी गई थी. इंद्रकांत ने अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर जताई थी. साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल किया था, जिसमें उसने सारी बात बताई थी. कुछ दिन बाद वह अपनी कार में गले में गोली लगने की हालत में मिला. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस जांच में सामने आया कि इंद्रकांत ने प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी की थी.
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इस केस में मणिलाल पाटीदार समेत अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, आत्महत्या के लिए उकसाना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पाटीदार के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल एक आईपीएस अधिकारी हैं और उनके खिलाफ पहले कभी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा. उनका कहना था कि इंद्रकांत से पैसे मांगने या उसे प्रताड़ित करने का कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है.
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आई.के. चतुर्वेदी ने जमानत याचिका का विरोध किया. उन्होंने कोर्ट को बताया कि इंद्रकांत ने पहले रिश्वत दी थी, लेकिन बाद में व्यापार ठप होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सका. इससे नाराज होकर उसे झूठे मुकदमों में फंसाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस समय जमानत देने का कोई उचित आधार नहीं बनता. इसलिए न्यायालय ने मणिलाल पाटीदार की जमानत याचिका खारिज कर दी.
-भारत एक्सप्रेस
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