Gondia News: गोंदिया/अभिषेक: सरकारी नौकरी में ‘लकी ड्रॉ’ का शानदार इनाम जीतना कभी-कभी करियर पर कितना भारी पड़ सकता है, इसका एक बेहद हैरान करने वाला मामला महाराष्ट्र के गोंदिया से सामने आया है. यहां एक महिला अधिकारी के लिए ‘लकी ड्रॉ’ में जीती गई चमचमाती फोर-व्हीलर कार ‘अनलकी’ साबित हुई. सरकार से पूर्व अनुमति लिए बिना इस स्कीम में हिस्सा लेने और कार स्वीकार करने के आरोप में गोंदिया की असिस्टेंट चैरिटी कमिश्नर (प्रोबेशनरी) दिशा पजाई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, नागपुर के एक बेहद मशहूर आभूषण विक्रेता ‘रोकड़े ज्वैलर्स’ (Rokde Jewellers) ने सोने की खरीद पर ग्राहकों के लिए एक ‘लकी ड्रॉ स्कीम’ का आयोजन किया था. गोंदिया में तैनात असिस्टेंट चैरिटी कमिश्नर (प्रोबेशनरी) दिशा पजाई ने इस स्कीम में हिस्सा लिया.
उनकी किस्मत चमकी और ‘लकी ड्रॉ’ के परिणाम में उन्होंने एक फोर-व्हीलर (महिंद्रा XUV कार) जीत ली. इतना ही नहीं, गोंदिया में रोकड़े ज्वैलर्स के नए शोरूम के इनॉगरेशन (उद्घाटन) के भव्य मौके पर दिशा पजाई ने यह कार सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी कर ली.
एक सरकारी अधिकारी (Civil Servant) होने के नाते दिशा पजाई की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उन्होंने इस कमर्शियल लकी ड्रॉ में हिस्सा लेने और इतना बड़ा ईनाम (गिफ्ट) स्वीकार करने से पहले सरकार से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी.
उनका यह कदम सीधे तौर पर ‘महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1979’ के नियम 12, 13 और 19 का खुला उल्लंघन माना गया. सरकारी नियमों के अनुसार, अधिकारी बिना अनुमति के महंगे उपहार या किसी भी तरह के कमर्शियल ड्रॉ के इनाम स्वीकार नहीं कर सकते.
इस मामले के संज्ञान में आते ही राज्य के प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया. राज्य के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और लीगल एडवाइजर दिलीप शिवाजीराव घुमरे ने दिशा पजाई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) के आदेश जारी कर दिए.
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‘महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1979’ के नियम 4 के उप-नियम (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ‘गोंदिया’ ही रहेगा और वे उच्चाधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना अपना हेडक्वार्टर नहीं छोड़ सकती हैं.
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