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त्योहारी सीजन से पहले GST में कटौती, आम आदमी को राहत और अर्थव्यवस्था को बूस्ट

सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रह गए हैं. पहले चार स्लैब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत थे, जिनमें से 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को खत्म कर दिया गया है. इस बदलाव से आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा और देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा.

अब शैम्पू, क्रीम, किचन के सामान जैसी जरूरी चीज़ें सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स पर मिलेंगी, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गया है. इससे मिडिल क्लास को सीधा फायदा मिलेगा, खासकर जब ये बदलाव 22 सितंबर से लागू होंगे और त्योहारी सीज़न शुरू हो चुका है.

QuantEco Research और HDFC Bank के मुताबिक, इस GST रिफॉर्म से देश की GDP में 0.2 प्रतिशत से 0.3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है. यानी आर्थिक ग्रोथ को एक अच्छा बूस्ट मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम छोटे और मझोले उद्योगों को भी राहत देगा, जो अभी अमेरिका की 50 प्रतिशत टैरिफ और रूस से तेल आयात पर 25 प्रतिशत की पेनल्टी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.

Bank of Baroda के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने कहा,

“GST में कटौती ऐसे समय में आई है जब देश को खपत बढ़ाने की जरूरत है. ये इनकम टैक्स कटौती, कम ब्याज दरें, घटती महंगाई और अच्छी मानसून से मिलकर एक पॉजिटिव माहौल बना रही है.”

खपत के आंकड़ों की बात करें तो खाने-पीने जैसी नॉन-ड्यूरेबल चीज़ें GDP का 24 प्रतिशत हिस्सा हैं, जबकि ड्यूरेबल और सेमी-ड्यूरेबल सामान 5.9 प्रतिशत और सर्विस सेक्टर 30 प्रतिशत तक योगदान देता है. ऐसे में GST में कटौती का असर सीधे इन सेक्टर्स पर पड़ेगा.

इसे भी पढ़ें-GST Cut: किसानों को बड़ी राहत, खेती के सामान पर GST घटा, ट्रैक्टर भी होंगे सस्ते

कुल मिलाकर, ये GST रिफॉर्म आम जनता के लिए राहत की खबर है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला कदम भी है. अब देखना ये है कि आने वाले महीनों में इसका असर बाजार और रोजगार पर कितना दिखता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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