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Earning In America: कितना कमाते हैं अमेरिका जाने वाले पंडित? जानिए वीजा के नियम

Earning In America: सनातन का प्रसार तेजी से पूरी दुनिया में हो रहा है. इसमें अमेरिका भी शामिल है. क्योंकि, यहां बड़ी संख्या में भारतीय और सनातन को मानने वाले लोग रहते हैं. इस कारण वह लोग और धार्मिक संस्थाएं अनुष्ठान, पूजा पाठ के लिए भारत से पंडित बुलाते हैं. इससे पुरोहितों की अच्छी खासी कमाई होती है. हालांकि, पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पॉलिसी के कारण पंडितों के लिए चिंता बनी हुई है. उन्हें डर है कहीं इनसे संबंधित वीजा और नियमों में कोई बदलाव न कर दिया जाए.

धार्मिक संस्थान या किसी निजी व्यक्ति के पास पूजा, पाठ आदि के लिए अमेरिका दो तरह से वीजा देता है. इसके लिए वहां जाने वाले पंडित के साथ उसे बुलाने वाले संस्था या व्यक्ति को भी अपने काम को लेकर प्रमाण देने होते हैं. ऐसे में आइये जानें पंडितों की अमेरिका में कितनी कमाई (pujari earning in america) होती है और उनके लिए कौन-कौन से वीजा काम के हैं?

धार्मिक संस्थानों के लिए

अगर कोई धार्मिक संस्थान किसी पंडित को बुलाता है तो उसके लिए R-1 वीजा की जरूरत होती है. इसके लिए पंडित के पास 2 साल का अनुभव होना चाहिए. इसके लिए शर्त होती है कि आप अमेरिका में केवल धार्मिक काम ही कर सकते हैं. वहीं बुलाने वाले संगठन को यह बताना होता है कि वह रहने-खाने और सैलरी की व्यवस्था करेगा. पहले संगठन को I-139 फॉर्म भरना होगा. इसके बाद फॉर्म DS-160 वहां जाने वाले व्यक्ति को भरना होता है.

फॉर्म DS-160 में बताना होता है कि वह केवल धार्मिक काम के लिए जा रहा है. अमेरिका में कोई और काम नहीं करेगा. इस वीजा की अवधि 30 महीने की होती है. हालांकि, इसे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. अगर किसी को दोबारा जाना होता है तो कम से कम 1 साल का गैप रखना होता है. पंडित के साथ उसका परिवार भी जा सकता है. उनके लिए R-2 वीजा लेना होगा.

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निजी अनुष्ठान के लिए

धार्मिक संगठन के अलावा अगर कोई निजी तौर पर किसी पंडित को बुलाना चाहता है तो उसके लिए B-1 वीजा लेना होगा. यह अस्थायी वीजा होता है जो 6 महीने के लिए वैलिड होता है. इसमें पंडित को साबित करना होगा कि वह अमेरिका में किसी और तरह की कमाई नहीं करेगा. हालांकि, दान लेने पर कोई मनाही नहीं है.

कितनी हो जाती है कमाई? (Earning In America)

पूजा, पाठ में सैलरी का महत्व कम होता है. इसमें दान से ही आय होता है. इस कारण इससे आय को लेकर कोई तय मानक नहीं है. हालांकि, कुछ संस्थान सैलरी देते हैं. ziprecruiter के मुताबिक, अमेरिका में पुजारी सालाना औसतन 63,587 डॉलर तक कमा लेते हैं. यह भारत में करीब 56 लाख होता है. वहीं कम से कम 29 हजार डॉलर की कमाई एक पुजारी आसानी से कर लेता है. कुछ पुजारी तो साल में 91 हजार डॉलर तक की कमाई कर लेते हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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