प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों और मंच देने की पहल से असम का पारंपरिक ‘बागुरुंबा’ नृत्य आज वैश्विक पहचान की ओर बढ़ चुका है. बीते दो दशकों में पहली बार बागुरुंबा नृत्य को लेकर गूगल पर वैश्विक सर्च इंटरेस्ट अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है. इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ही इस नृत्य से जुड़े वीडियो को 200 मिलियन (20 करोड़) से अधिक व्यूज मिल चुके हैं, जो इसे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का बड़ा संकेत है.
हाल ही में असम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित बागुरुंबा ढोउ कार्यक्रम में भाग लिया. इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन में उन्होंने बोडो समुदाय की समृद्ध परंपराओं और विरासत को करीब से देखा और अनुभव किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि असम की संस्कृति को देखने और बोडो समाज की परंपराओं को समझने का उन्हें सौभाग्य मिला है.
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी अन्य प्रधानमंत्री की तुलना में उन्होंने असम का सबसे अधिक दौरा किया है, क्योंकि उनकी हमेशा यह इच्छा रही है कि असम की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान मिले. उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत भव्य बिहू उत्सव, झुमोइर बिनंदिनी, डेढ़ साल पहले नई दिल्ली में आयोजित भव्य बोडो महोत्सव और ऐसे कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बड़े मंच पर प्रस्तुत किया गया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम की कला और संस्कृति से मिलने वाला आनंद अद्वितीय है और वे इसे अनुभव करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते. उन्होंने बागुरुंबा ढोउ को बोडो पहचान का जीवंत उत्सव बताते हुए कहा कि यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महान बोडो परंपरा को सम्मान देने और समाज के महान विभूतियों को स्मरण करने का माध्यम है.
बता दें कि बागुरुंबा, जिसे ‘तितली नृत्य’ भी कहा जाता है, असम के सबसे सुंदर और महत्वपूर्ण लोकनृत्यों में से एक है. यह नृत्य प्रकृति के साथ सामंजस्य, शांति, उर्वरता और आनंद का प्रतीक है और मुख्य रूप से बोडो नववर्ष ब्विसागु पर्व से जुड़ा है. बांसुरीनुमा सिफुंग, खाम ढोल और सेरजा जैसे पारंपरिक वाद्य इसकी आत्मा हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, बागुरुंबा को करीब 10,000 कलाकारों ने एक साथ प्रस्तुति दिया था. सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन पारंपरिक कलाओं के संरक्षण, प्रचार और नई पीढ़ी तक हस्तांतरण में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी और समर्थन से बागुरुंबा ढोउ न केवल असम या बोडो समाज तक सीमित रहा है, बल्कि आज यह भारत की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर का प्रतीक बनकर दुनिया भर में पहचान बना रहा है.
ये भी पढ़ें: BJP के सबसे युवा अध्यक्ष नितिन नबीन की नेटवर्थ कितनी? बैंक बैलेंस से लेकर कार तक का पूरा हिसाब, जानिए
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…
रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…