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114 राफेल की डील क्यों जरूरी: IAF के पास अभी कितने और कौन से लड़ाकू विमान हैं? PAK China एक साथ हमला कर दें तो हम कैसे देंगे जवाब, जानिए

भारत की वायुसेना फिलहाल स्क्वाड्रन कमी से जूझ रही है. दो मोर्चों की चुनौती को देखते हुए 114 राफेल विमानों की डील को क्षमता संतुलन के लिए अहम माना जा रहा है. मिसाइल और ड्रोन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एयर सुपीरियरिटी अब भी निर्णायक कारक है. चलिए जानते हैं पूरा मामला:

भारतीय वायुसेना के पास इस समय लगभग 29-31 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि आधिकारिक जरूरत करीब 42 मानी जाती है. एक स्क्वाड्रन में औसतन 18–20 जेट होते हैं. पुराने MiG-21 जैसे विमान रिटायर हो रहे हैं, जिससे संख्या में गिरावट आई है. ऐसे में 114 नए जेट इस गैप को भरने में अहम माने जा रहे हैं.

IAF को 114 राफेल विमान क्यों चाहिए

Dassault Rafale एक मल्टी-रोल, नेटवर्क-सक्षम और लंबी दूरी तक प्रहार करने वाला आधुनिक फाइटर है. यह एयर सुपीरियरिटी, ग्राउंड स्ट्राइक और स्टैंड-ऑफ वेपन कैरी करने में सक्षम है. दो मोर्चों की स्थिति में तेजी से तैनाती और उच्च सर्वाइवलिटी इसकी खासियत मानी जाती है.

पाकिस्तान और चीन की वायु शक्ति

Pakistan के पास ओपन सोर्स आकलन के अनुसार करीब 25 स्क्वाड्रन और 350–400 जेट हैं, जिनमें JF-17 Thunder और F-16 Fighting Falcon शामिल हैं. China की वायुसेना संख्या में काफी बड़ी है, 1700 से अधिक लड़ाकू विमानों के साथ. वह Chengdu J-20 जैसे स्टेल्थ जेट भी संचालित करता है. हालांकि ऊंचाई वाले एयरबेस से ऑपरेशन में पेलोड सीमाएं चुनौती बन सकती हैं.

क्या सिर्फ मिसाइल और ड्रोन काफी हैं?

भारत के पास BrahMos जैसी प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता और S-400 व Akash जैसे एयर डिफेंस सिस्टम हैं. ड्रोन निगरानी और सीमित हमलों में उपयोगी हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि एयर डोमिनेंस के बिना लंबा युद्ध टिकाऊ नहीं होता. फाइटर जेट अभी भी मुख्य आधार हैं, जबकि मिसाइल और ड्रोन ‘फोर्स मल्टीप्लाय’ की भूमिका निभाते हैं.

दो मोर्चों पर जंग छिड़ जाए तो क्या होगा

संभावित टकराव की शुरुआत सीमित स्ट्राइक या ड्रोन घुसपैठ से हो सकती है. इसके बाद एयर डिफेंस और फाइटर तैनाती तेज हो जाएगी.लंबी दूरी की मिसाइलें, साइबर और स्पेस डोमेन भी सक्रिय हो सकते हैं. हालांकि परमाणु डिटरेंस के कारण पूर्ण पैमाने का लंबा युद्ध कम संभावित माना जाता है. 29-31 स्क्वाड्रन की मौजूदा स्थिति आदर्श नहीं मानी जाती. 114 नए राफेल जैसे जेट वायुसेना की संख्या और गुणवत्ता दोनों को संतुलित कर सकते हैं.

यह भी पढ़े: Rafale Deal: इंतजार की घड़ी खत्म..114 राफेल और 6 P8I एयरक्राफ्ट को मिली मंजूरी; कांप उठेगा पाकिस्तान!

-भारत एक्सप्रेस

Written By: Shubhra Rai (Intern)

Bharat Express Desk

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